भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाने के लिए ‘Aviation Master Plan’ को मंजूरी दे दी है। अब वाराणसी और जयपुर जैसे छोटे शहरों के लोगों को विदेश जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा। नए नियम के बाद यात्री अपने ही शहर से पासपोर्ट और वीज़ा की जांच करवा सकेंगे, जिससे उनका सफर बहुत आरामदायक हो जाएगा।

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छोटे शहरों से विदेश जाने का नया तरीका क्या है?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय 1 जून 2026 से ‘hub-and-spoke’ मॉडल लागू करने जा रहा है। इसके तहत दिल्ली के IGI Airport को मुख्य हब बनाया गया है। अब छोटे शहरों से आने वाले यात्री अपने शुरुआती एयरपोर्ट पर ही कस्टम और इमिग्रेशन की औपचारिकताएं पूरी कर लेंगे। उनका सामान सीधा आखिरी अंतरराष्ट्रीय मंजिल तक टैग किया जाएगा, इसलिए उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरकर दोबारा सामान लेने या इमिग्रेशन चेक कराने की जरूरत नहीं होगी। Air India इस मॉडल के तहत वाराणसी-दिल्ली रूट पर संचालन शुरू करेगी।

नया सिस्टम कब से शुरू होगा और इसमें क्या खास है?

इस योजना के अलग-अलग हिस्सों को समय-समय पर लागू किया जा रहा है। इससे जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • FTI-TTP: यह प्रोग्राम 21 अप्रैल 2026 से 13 भारतीय एयरपोर्ट्स पर पूरी तरह चालू हो चुका है। इससे बायोमेट्रिक ई-गेट्स के जरिए सिर्फ 20-30 सेकंड में इमिग्रेशन क्लियर हो जाएगा।
  • Digi Yatra: जून 2025 से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) का पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा, जिससे यात्रा बिना कागजों के डिजिटल तरीके से होगी।
  • Noida International Airport: जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को हुआ और यहाँ अप्रैल या मई 2026 से कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू होने की उम्मीद है।

भारत के हवाई नेटवर्क के लिए सरकार का क्या प्लान है?

नागरिक उड्डयन मंत्री Ram Mohan Naidu Kinjarapu ने 10 मार्च 2026 को बताया कि सरकार हवाई यात्रा को हर नागरिक के लिए सुलभ और सस्ता बनाना चाहती है। सरकार का लक्ष्य अगले 5 साल में 50 नए एयरपोर्ट और उसके बाद के 20 सालों में 200 और एयरपोर्ट बनाना है। भारत सरकार का लक्ष्य है कि साल 2047 तक देश में करीब 350 एयरपोर्ट्स का नेटवर्क हो। इससे न केवल आम लोगों को फायदा होगा, बल्कि Emirates और Qatar Airways जैसी विदेशी एयरलाइंस को भी मदद मिलेगी और भारतीय विमानन क्षेत्र का राजस्व बढ़ेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

छोटे शहरों के यात्रियों को इस नए नियम से क्या फायदा होगा?

यात्रियों को दिल्ली जैसे बड़े हब एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन और सामान दोबारा चेक करने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने शहर से ही ये सारी प्रक्रियाएं पूरी कर सकेंगे और सीधे अपनी कनेक्टिंग फ्लाइट ले सकेंगे।

हब-एंड-स्पोक मॉडल कब से लागू होगा?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार ‘hub-and-spoke’ मॉडल 1 जून 2026 से लागू किया जाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.