भारत और बांग्लादेश की सीमा पर इस समय तनाव काफी बढ़ गया है। ढाका ने नई दिल्ली पर बिना किसी तय प्रक्रिया के हजारों लोगों को जबरन सीमा पार भेजने का आरोप लगाया है, जबकि भारत का साफ कहना है कि वह केवल अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को उनके देश वापस भेज रहा है। यह विवाद ऐसे समय में गहराया है जब दोनों देशों के सीमा सुरक्षा बलों के बीच नई दिल्ली में 8 जून 2026 से एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक शुरू हुई है। इस बैठक में सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

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भारत और बांग्लादेश के बीच क्यों बढ़ा है सीमा पर तनाव?

इस पूरे विवाद की मुख्य वजह अवैध प्रवासियों को वापस भेजने की कार्रवाई है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्य में नई सरकार आने के बाद से लगभग 5,000 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा गया है। इनमें से 4,800 लोग भेजे जा चुके हैं और 836 लोग अभी होल्डिंग सेंटर्स में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों से निपटने के लिए सख्त कानून हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक द्विपक्षीय व्यवस्था बनी हुई है, जिसके तहत भारत संदिग्ध नागरिकों की जानकारी बांग्लादेश को सत्यापन के लिए सौंपता है। भारत ने अब तक 2,860 से अधिक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की सूची ढाका को भेजी है।

बांग्लादेश सरकार का इस कार्रवाई पर क्या है रुख?

दूसरी तरफ बांग्लादेश ने भारत की इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई है। बांग्लादेश की विदेश मामलों की सलाहकार शमा ओबैद ने बताया कि ढाका ने इस मुद्दे को लेकर नई दिल्ली को अब तक 12 से 13 विरोध पत्र भेजे हैं। उन्होंने भारत से अपील की है कि वे प्रवासियों से निपटने के लिए तय की गई पुरानी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करें, अन्यथा इसका असर दोनों देशों के आपसी संबंधों पर पड़ सकता है। बांग्लादेश के सीमा रक्षक बल (BGB) ने दावा किया है कि उन्होंने सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी है और 4 जून से अब तक भारत की ओर से किए गए घुसपैठ के कम से कम 18 प्रयासों को नाकाम किया है, जिसमें लगभग 180 लोग शामिल थे।

नई दिल्ली में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बैठक शुरू

इस सीमा विवाद के बीच, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के बीच 57वां महानिदेशक स्तर का सीमा समन्वय सम्मेलन 8 जून से 11 जून 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। बांग्लादेश में फरवरी 2026 में नई सरकार बनने के बाद यह पहली इतनी बड़ी बैठक है। इस बैठक में दोनों पक्षों के अधिकारी सीमा पर होने वाली मौतों और अवैध घुसपैठ को रोकने पर बातचीत कर रहे हैं। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने भी संकेत दिया है कि सीमा पर होने वाली हत्याएं और जबरन लोगों को सीमा पार भेजने का मुद्दा बातचीत का मुख्य एजेंडा रहेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारत ने अब तक कितने बांग्लादेशी नागरिकों को वापस भेजा है?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में सरकार आने के बाद से लगभग 5,000 बांग्लादेशी प्रवासियों को वापस भेजा गया है, जिनमें से 4,800 वापस जा चुके हैं और कई अन्य होल्डिंग सेंटर्स में हैं।

बांग्लादेश ने इस मामले पर क्या आपत्ति जताई है?

बांग्लादेश की विदेश मामलों की सलाहकार शमा ओबैद ने कहा है कि ढाका ने प्रवासियों को जबरन सीमा पार भेजने के विरोध में भारत को 12 से 13 विरोध पत्र भेजे हैं और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने की मांग की है।

नई दिल्ली में चल रही सीमा वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्या है?

8 से 11 जून 2026 तक चलने वाली इस 57वीं महानिदेशक स्तर की बैठक का उद्देश्य सीमा पर होने वाली घटनाओं, अवैध घुसपैठ और दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.