भारत अब वैश्विक स्तर पर समुद्री पेशेवरों की आपूर्ति करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। BIMCO-ICS Seafarer Workforce Report 2026 के अनुसार, भारत ने इस सूची में लंबी छलांग लगाई है और अब दुनिया भर में काम करने वाले कुल नाविकों का 12.16 फीसदी हिस्सा भारतीय है। साल 2015 में भारत का स्थान पांचवां था, जो अब सुधरकर दूसरे नंबर पर आ गया है।
भारत का लक्ष्य 20 फीसदी हिस्सेदारी
केंद्रीय मंत्री Sarbananda Sonowal ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई और इसे प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व का परिणाम बताया। सरकार ने अब ‘मिशन 20%’ की शुरुआत की है, जिसके तहत वैश्विक समुद्री कार्यबल में भारत की भागीदारी को 20 फीसदी तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत वर्तमान में 140,718 अधिकारियों और 171,218 रेटिंग्स के साथ कुल 311,936 समुद्री पेशेवरों की सेवा दे रहा है।
सुरक्षा और अन्य नियम
नाविकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। Sarbananda Sonowal ने 28 जुलाई 2026 को एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें खाड़ी देशों और ब्लैक सी जैसे संघर्ष वाले इलाकों में काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा पर जोर दिया गया। नाविकों की मदद के लिए 24×7 Seafarer Grievance and Assistance Cell काम कर रही है। साथ ही, गल्फ ऑफ अदन और हॉर्न ऑफ अफ्रीका के पास समुद्री डकैती को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। समुद्री श्रम कानूनों को आधुनिक बनाने के लिए Digitally Executed and Smart Seafarers’ Employment Agreements का मसौदा भी तैयार किया गया है।
