भारत में BRICS देशों के विदेश मंत्रियों की एक बड़ी मीटिंग चल रही है। इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने वेस्ट एशिया के बिगड़ते हालात पर अपनी चिंता जताई। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि फिलिस्तीन मसले को सुलझाने के लिए ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ यानी दो देशों का समाधान ही एकमात्र रास्ता है।

भारत का फिलिस्तीन मुद्दे पर क्या स्टैंड है?

विदेश मंत्री S. Jaishankar ने 14 मई 2026 को अपने राष्ट्रीय बयान में भारत की पुरानी नीति को दोहराया। भारत का मानना है कि फिलिस्तीन के लिए एक स्वतंत्र और संप्रभु देश होना चाहिए। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • भारत 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य का समर्थन करता है।
  • यह राज्य इजराइल के साथ शांति और सद्भाव से रहना चाहिए।
  • भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने और आम नागरिकों की सुरक्षा पर ज़ोर दिया है।
  • भारत ने साफ़ किया कि वह शांति बहाली और तनाव कम करने की कोशिशों में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है।

वेस्ट एशिया की सुरक्षा और अन्य देशों का हाल

मीटिंग के दौरान Jaishankar ने केवल फिलिस्तीन ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अस्थिरता पर बात की। उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव से सुरक्षा का माहौल काफी नाजुक हो गया है।

  • समुद्री व्यापार और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर खतरों को लेकर चिंता जताई गई।
  • लेबनान, सीरिया, सूडान, यमन और लीबिया जैसे देशों में चल रही अस्थिरता का ज़िक्र किया गया।
  • मंत्री ने कहा कि शांति टुकड़ों में नहीं मिल सकती, इसके लिए पूरी दुनिया को मिलकर राजनयिक प्रयास करने होंगे।
  • भारत UNRWA के ज़रिए मानवीय सहायता पहुँचाने का काम भी जारी रखे हुए है।

BRICS मीटिंग में ईरान की मांग और अन्य अपडेट

इस बैठक में अन्य देशों ने भी अपनी बात रखी। ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने अमेरिका और इजराइल द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन की कड़ी निंदा करने की मांग की।

वहीं, यह भी जानकारी मिली कि 10 मई 2026 को इजराइल सरकार ने ओस्लो समझौते को खत्म करने वाले बिल को आगे न बढ़ाने का फैसला किया, जिसके निर्देश प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दिए थे। इससे पहले अप्रैल में हुई एक बैठक में सदस्य देशों के बीच मतभेदों की वजह से कोई साझा बयान जारी नहीं हो सका था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारत फिलिस्तीन के लिए किस तरह का समाधान चाहता है?

भारत ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ का समर्थन करता है। इसका मतलब है कि 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन देश बने जो इजराइल के साथ शांति से रह सके।

BRICS मीटिंग में किन अन्य देशों की अस्थिरता पर बात हुई?

विदेश मंत्री S. Jaishankar ने लेबनान, सीरिया, सूडान, यमन और लीबिया में चल रहे संकटों का ज़िक्र किया और कहा कि शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग ज़रूरी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.