नई दिल्ली में हुए 13वें BRICS अर्बनाइजेशन फोरम में भारत, ईरान, रूस और चीन ने शहरों के विकास के लिए हाथ मिलाया है। इस मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई कि शहरों को कैसे और बेहतर, सुरक्षित और लोगों की जरूरतों के हिसाब से बनाया जाए। इस पूरे आयोजन की कमान भारत के पास थी क्योंकि 2026 में BRICS की अध्यक्षता भारत कर रहा है।

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शहरों के विकास के लिए नया प्लान

भारत के आवास और शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री Shri Manohar Lal ने इस फोरम की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह मौका है जब दुनिया भर के विकास की चर्चा में शहरी एजेंडे को मजबूती से जोड़ा जा सकता है। भारत ने अपनी रणनीति में कुछ खास बातों पर जोर दिया है, जैसे कि:

  • सबके लिए समान शहरी विकास।
  • जलवायु और आपदाओं का सामना कर सकने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर।
  • संस्थागत मजबूती और डिजिटल इनोवेशन।

ईरान और अन्य देशों के बीच बातचीत

इस फोरम के दौरान ईरान ने रूस और चीन के साथ अलग से बैठकें कीं। इन बैठकों में शहरी सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा हुई। इसके अलावा, ईरान सहित अन्य देशों के प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों का दौरा किया ताकि वे देख सकें कि भारत ने अपने शहरों को कैसे बदला है। इस मौके पर “India’s Urban Transformation: Stories of Change” नाम की एक किताब भी जारी की गई, जिसमें भारत की सफल शहरी पहलों के बारे में बताया गया है।

भारत का बड़ा प्रस्ताव और नतीजे

भारत के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव Shri Srinivas Katikithala ने बताया कि इस फोरम से सदस्य देशों के बीच भरोसे और आपसी समझ को बढ़ावा मिला है। भारत ने एक ‘BRICS Urban Research and Knowledge Network’ बनाने का प्रस्ताव रखा है, ताकि सभी देश शहरी रिसर्च और जानकारी एक-दूसरे के साथ साझा कर सकें। सभी सदस्य देशों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है।

इस दो दिन के कार्यक्रम में शहरी नियोजन, सस्ते घर, नगर निगम का इंफ्रास्ट्रक्चर, टिकाऊ निर्माण तकनीक और शहरी शासन के बेहतर तरीकों पर विस्तार से बात हुई। अंत में, सभी देशों ने एक घोषणापत्र अपनाया जिसमें शहरों को अधिक लचीला और लोगों के अनुकूल बनाने का संकल्प लिया गया।