भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी 2026 को देश का आम बजट पेश किया। इस बजट में UAE और दुनिया भर में रहने वाले अनिवासी भारतीयों (NRIs) के लिए कई बड़े और अहम फैसले लिए गए हैं। सरकार ने भारतीय कंपनियों में NRIs के निवेश करने की सीमा को बढ़ा दिया है और साथ ही भारत में प्रॉपर्टी बेचने के नियमों को पहले से काफी सरल बना दिया है। इन बदलावों का मकसद विदेश में रहने वाले भारतीयों को देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।

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शेयर बाज़ार में निवेश की सीमा बढ़ी

बजट 2026 में भारतीय कंपनियों के शेयरों में निवेश को लेकर NRIs को बड़ी राहत दी गई है। अब कोई भी NRI एक लिस्टेड भारतीय कंपनी में 5% की जगह 10% तक हिस्सेदारी खरीद सकता है। इसके अलावा सभी NRIs मिलकर किसी एक कंपनी में कुल 24% तक निवेश कर सकते हैं, जिसकी सीमा पहले केवल 10% थी। यह निवेश Portfolio Investment Scheme (PIS) के जरिए NRE या NRO खातों का उपयोग करके किया जाएगा। इससे UAE के निवेशकों के लिए भारतीय बाज़ार में मौके बढ़ेंगे।

प्रॉपर्टी बेचने में TAN नंबर की जरूरत खत्म

अगर कोई NRI भारत में अपनी प्रॉपर्टी बेचता है, तो खरीदार को अब टैक्स जमा करने के लिए TAN (Tax Deduction and Collection Account Number) लेने की जरूरत नहीं होगी। 1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले इस नए नियम के तहत, खरीदार सिर्फ अपने PAN कार्ड का उपयोग करके TDS काट और जमा कर सकेगा। पहले TAN नंबर लेने की प्रक्रिया जटिल थी, जिससे प्रॉपर्टी बेचने में समय लगता था। अब यह काम बिना किसी अतिरिक्त कागजी कार्रवाई के आसानी से हो सकेगा।

टैक्स और विदेश यात्रा पर मिली छूट

सरकार ने विदेश में पैसे भेजने और घूमने के खर्च पर लगने वाले टैक्स (TCS) को भी कम कर दिया है। इसके अलावा, विदेश से आने वाले पेशेवरों के लिए भी टैक्स में रियायत दी गई है।

  • टूर पैकेज: ओवरसीज टूर पैकेज पर TCS की दर को घटाकर फ्लैट 2% कर दिया गया है, जो पहले 5% से 20% तक थी।
  • पढ़ाई और इलाज: शिक्षा और इलाज के लिए विदेश भेजे जाने वाले पैसों पर भी अब सिर्फ 2% टैक्स लगेगा।
  • बिजनेस छूट: भारत में मशीनों की सप्लाई करने वाली UAE की फर्मों को 2031 तक टैक्स में छूट दी गई है।
  • संपत्ति का खुलासा: NRIs को अपनी छोटी अघोषित विदेशी संपत्ति (1 करोड़ रुपये तक) का खुलासा करने के लिए 6 महीने का समय दिया गया है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.