लेबनान में इजराइल के बड़े हमले के बीच भारत ने दिया बड़ा बयान, ईरान ने अमेरिका से बातचीत की बंद

Aanya3 June 20263 min read0 viewsIndia

पश्चिम एशिया में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। लेबनान पर इजराइली सेना के बढ़ते हमलों और ईरान द्वारा अमेरिका के साथ शांति वार्ता स्थगित करने के बाद स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस बीच, भारत सरकार ने दोनों पक्षों से शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे का हल केवल कूटनीति से ही निकाला जा सकता है।

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भारत सरकार और विदेश मंत्रालय का इस पूरे मामले पर क्या कहना है?

भारतीय विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर कहा है कि भारत इस क्षेत्र के घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहा है। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से बातचीत और कूटनीति के जरिए शांति बहाल करने की अपील की है। भारत ने जोर देकर कहा है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए और सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के साथ-साथ एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए।

लेबनान और इजराइल सीमा पर इस समय जमीनी हालात कैसे हैं?

इजराइल की सेना ने दक्षिणी लेबनान में मौजूद ब्युफोर्ट कैसल पर कब्जा कर लिया है, जो पिछले कई दशकों में लेबनान के अंदर उनका सबसे बड़ा सैन्य कदम माना जा रहा है। इसके बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सेना को हमले और तेज करने का निर्देश दिया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मार्च 2026 से अब तक इजराइली सैन्य अभियानों में 3,468 लोगों की जान जा चुकी है और 10,577 से अधिक लोग घायल हुए हैं। डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) ने बताया है कि दक्षिणी लेबनान में स्थिति तेजी से बिगड़ रही है और पिछले 10 दिनों में ही 9 स्वास्थ्य कर्मी मारे गए हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता रुकने के क्या मायने हैं?

लेबनान में इजराइल के बढ़ते हमलों के विरोध में ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता को सस्पेंड करने का फैसला किया है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने चेतावनी दी है कि अगर इजराइल के हमले नहीं रुके, तो ईरान न केवल बातचीत रोकेगा बल्कि मजबूती से उनके खिलाफ खड़ा होगा। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले दावा किया था कि ईरान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान रुक गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारत ने पश्चिम एशिया विवाद पर क्या रुख अपनाया है?

भारत ने विदेश मंत्रालय के जरिए सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के रास्ते पर लौटने की अपील की है। भारत का कहना है कि आम लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना चाहिए।

लेबनान में जारी सैन्य हमलों में अब तक कितना नुकसान हुआ है?

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 से लेकर अब तक इन सैन्य कार्रवाइयों में 3,468 लोगों की मौत हो चुकी है और 10,577 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

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