India UN Update: भारत ने मांगा ग्लोबल साउथ का हक, दुनिया भर के फाइनेंस सिस्टम में बदलाव की मांग की
भारत ने एक बार फिर दुनिया के सामने अपनी बात मजबूती से रखी है। UN के एक बड़े प्रोग्राम में भारत ने कहा कि दुनिया में पैसों के लेन-देन और मदद के सिस्टम को बदलने की जरूरत है। भारत चाहता है कि गरीब और विकासशील देशों की बात सुनी जाए ताकि दुनिया का विकास सही तरीके से हो सके।
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भारत ने UN में क्या मांग की?
भारत के Secretary (West) Sibi George ने ‘2026 ECOSOC Forum’ में देश का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि दुनिया में विकास के लक्ष्यों यानी SDG को पूरा करने के लिए करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए एक ऐसे सिस्टम की जरूरत है जो सबके लिए बराबर और निष्पक्ष हो।
ग्लोबल साउथ और फाइनेंस सिस्टम में क्या बदलाव चाहिए?
भारत ने मांग की कि International Financial Institutions (IFIs) में बड़े बदलाव किए जाएं। भारत चाहता है कि ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों की आवाज को ज्यादा अहमियत मिले। इसके साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और UN Security Council में सुधार करने पर भी जोर दिया गया।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| इवेंट का नाम | 2026 ECOSOC Forum |
| तारीख | 20 से 24 अप्रैल 2026 |
| भारत का प्रतिनिधि | Sibi George (Secretary West) |
| फंडिंग की कमी | 4 ट्रिलियन डॉलर |
| मुख्य मांग | IFIs और UN Security Council में सुधार |
| विशेष फोकस | Global South का प्रतिनिधित्व |
| तकनीकी मांग | डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग |