भारत अपनी अगली जनगणना यानी Census 2027 को पूरी तरह डिजिटल बनाने जा रहा है. अब सरकारी कर्मचारी घर-घर आकर कागजों पर जानकारी नहीं भरेंगे बल्कि मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल होगा. सरकार ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि डेटा तेजी से और सही तरीके से इकट्ठा किया जा सके.

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Census 2027 कब होगी और कैसे होगा काम

जनगणना का पहला चरण यानी House Listing 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है जो सितंबर 2026 तक चलेगा. मुख्य जनसंख्या गणना यानी Population Enumeration फरवरी 2027 में होगी, लेकिन लद्दाख और हिमाचल जैसे बर्फीले इलाकों में यह काम सितंबर 2026 में ही पूरा कर लिया जाएगा. आम लोग सरकारी कर्मचारी के आने से पहले 15 दिन के अंदर ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in के जरिए अपनी जानकारी खुद भी भर सकेंगे.

क्या-क्या जानकारी मांगी जाएगी और क्या हैं नए नियम

इस बार की जनगणना में पहली बार 1931 के बाद जाति की गिनती भी शामिल होगी. इसके अलावा डिजिटल कनेक्टिविटी, जेंडर पहचान और जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले पलायन पर भी डेटा लिया जाएगा. सरकार ने साफ किया है कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी जैसे किसी भी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी और साझा की गई सारी जानकारी पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी.

कितना खर्च होगा और कौन करेगा यह काम

केंद्र सरकार ने इस डिजिटल जनगणना के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये का बजट तय किया है. इस विशाल काम को पूरा करने के लिए करीब 30 लाख कर्मचारी, सुपरवाइजर और अधिकारी तैनात किए जाएंगे. सारा डेटा Census Management and Monitoring System (CMMS) पोर्टल पर मैनेज होगा और इसके शुरुआती नतीजे 2027 के अंत तक आने की उम्मीद है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com