Strait of Hormuz में चल रहे तनाव को लेकर भारत सरकार ने शुक्रवार को एक अहम जानकारी साझा की। सरकारी सूत्रों के अनुसार, देश में क्रूड ऑयल, पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है। भारत अभी ‘बेहतर स्थिति’ में है और किसी भी तरह की रुकावट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार ने आम जनता को आश्वस्त किया है।

भारत के पास कितना है तेल और गैस का भंडार?

सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत के पास लगभग 8 सप्ताह यानी 56 से 60 दिनों का कुल स्टॉक मौजूद है। इसमें रिफाइनरियों और ट्रांजिट में मौजूद स्टॉक शामिल है। अगर किसी कारण से सप्लाई पूरी तरह रुक भी जाती है, तो भी स्ट्रैटेजिक रिजर्व और कमर्शियल इन्वेंट्री मिलकर देश की जरूरतों को 40 से 45 दिनों तक पूरा कर सकते हैं।

  • कच्चा तेल (Crude Oil): 25 दिनों का स्टॉक उपलब्ध है।
  • पेट्रोल और डीजल: 25 दिनों का स्टॉक रिफाइनरी या रास्ते में है।
  • LPG सप्लाई: घरेलू मांग पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

कीमतों और सप्लाई पर सरकार ने क्या कहा?

तेल मंत्रालय (MoPNG) एक कंट्रोल रूम के जरिए दिन में दो बार स्थिति की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पेट्रोल या डीजल के दाम बढ़ाने की अभी कोई योजना नहीं है, भले ही ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड $80 प्रति बैरल के पार चला गया हो। इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल की राशनिंग करने का भी कोई प्लान नहीं है, इसलिए आम जनता को पैनिक करने की जरूरत नहीं है। अफवाहों पर ध्यान न दें, मंगलौर रिफाइनरी (MRPL) भी पूरी तरह काम कर रही है।

कहाँ से आ रहा है भारत में तेल?

भारत ने अपनी सुरक्षा के लिए सप्लाई के रास्ते बदल लिए हैं। अब देश का लगभग 60% कच्चा तेल उन रास्तों से आता है जो होरमुज स्ट्रेट से नहीं गुजरते। रूस से फरवरी में करीब 20% तेल आया है। वहीं, अमेरिका से LPG की सप्लाई के लिए एक साल का कॉन्ट्रैक्ट किया गया है, जिसकी डिलीवरी जनवरी से शुरू हो चुकी है। सरकार ने इंडियन ऑयल और BPCL जैसी कंपनियों को घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है ताकि 33 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं को गैस की कमी न हो।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.