पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoJK में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच वहां के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। भारत सरकार ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान द्वारा आम लोगों पर की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने जानकारी दी कि वहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बल प्रयोग किया गया, जिसमें 40 से अधिक बेगुनाह लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए।
पाकिस्तान के बयानों पर भारत की आपत्ति
भारत ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif द्वारा प्रदर्शनकारियों को दुश्मन बताने की बात पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी भाषा पाकिस्तान की सोच को दिखाती है। इसके अलावा, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के विशेष सहायक Rana Sanaullah के बयान पर भी सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को वही लोग बताया जिन्हें पहले मुजाहिदीन के तौर पर प्रशिक्षित किया गया था। भारत ने इस बयान को पाकिस्तान द्वारा राज्य-प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा देने का खुला प्रमाण माना है।
इंटरनेट बंद और मीडिया पर पाबंदी
PoJK में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 30 और 31 जुलाई 2026 को भी वहां के रावलकोट और मीरपुर जैसे इलाकों में महिलाओं समेत आम प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया। हालात इतने खराब हैं कि अधिकारियों ने वहां इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और Joint Awami Action Committee (JAAC) के विरोध प्रदर्शन की कवरेज पर पूरी तरह रोक लगा दी है। सरकार ने प्रदर्शन में शामिल होने के कारण 13 निजी स्कूलों के रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर दिए हैं। इंटरनेशनल बॉडीज जैसे Amnesty International ने भी इस हिंसा की स्वतंत्र जांच की मांग की है और मरने वालों में 34 नागरिक और 6 सुरक्षाकर्मी शामिल होने की रिपोर्ट दी है।
