भारत का चालू खाता घाटा वित्त वर्ष 2027 में बढ़ने की उम्मीद, घरेलू मांग और आयात में आई तेजी

भारत का चालू खाता घाटा यानी Current Account Deficit (CAD) वित्त वर्ष 2027 के दौरान बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। देश में लगातार मजबूत होती घरेलू मांग और बढ़ते आयात के कारण सामानों का घाटा USD 390 billion तक पहुंचने की उम्मीद है। आईसीआईसीआई बैंक के विश्लेषकों का यह कहना है कि भले ही चालू खाता घाटा फैल रहा है, लेकिन वित्त वर्ष के दूसरे हिस्से में पूंजी प्रवाह में सुधार होने से भारतीय रुपया यानी INR को मजबूत सहारा मिलेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़े और व्यापार घाटा
भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में चालू खाता घाटा बढ़कर USD 3.1 billion हो गया है। इसके पीछे मुख्य वजह माल व्यापार घाटा है, जो पिछले साल के USD 68.9 billion से बढ़कर USD 85.7 billion पर पहुंच गया है। इसी समय के दौरान, पूंजी खाता भी गिरकर USD 5 billion के घाटे में चला गया, जबकि पिछले साल इसी समय यह USD 7.4 billion के फायदे में था। ऐसा मुख्य रूप से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI द्वारा पैसा बाहर निकालने की वजह से हुआ है, जिसके कारण पहली तिमाही में कुल भुगतान संतुलन USD 8.1 billion के घाटे में आ गया।
विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं
देश के विदेशी मुद्रा भंडार को और मजबूत करने के लिए RBI ने जून 2026 में कुछ खास सुविधाएं शुरू की थीं। इनमें Foreign Currency Non-Resident (Bank) (FCNR(B)) जमा योजना भी शामिल थी, जिसके जरिए 13 August तक कुल USD 56.8 billion जुटाए गए थे और अकेले इस योजना से USD 52.3 billion आए थे। केंद्रीय बैंक इस FCNR(B) योजना को 31 August 2026 को बंद कर देगा। एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि इन सभी माध्यमों से कुल मिलाकर USD 85 billion तक डॉलर जुटाए जा सकते हैं।
विभिन्न एजेंसियों के आर्थिक अनुमान
वित्त वर्ष 2027 के लिए अलग-अलग आर्थिक अनुमान सामने आ रहे हैं। फिच रेटिंग्स ने चालू खाता घाटा जीडीपी का 1.4% रहने का अनुमान लगाया है, जबकि एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज इसे 1.3% मानती है और साथ ही USD 55 billion के भुगतान संतुलन फायदे की उम्मीद करती है। केरेडज रेटिंग्स का यह मानना है कि RBI के इन उपायों से USD 90–95 billion तक का पूंजी निवेश आ सकता है, जिससे USD 64 billion तक का भुगतान संतुलन फायदा बन सकता है।
| Agency / Institution | CAD / Surplus Forecast | Details / Amount |
|---|---|---|
| Fitch Ratings | 1.4% of GDP | Projected CAD for FY27 |
| Emkay Global | 1.3% / USD 55B | CAD percentage and BoP surplus |
| CareEdge Ratings | USD 64B Surplus | Inflows expected between USD 90–95B |
| BMI Forecast | ₹97 to ₹99 per USD | Currency exchange rate projections |
इन तमाम निवेशों के बावजूद भारतीय रुपए पर दबाव बना रहा और 17 August 2026 को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया ₹95.48 पर खुला। बीएमआई ने यह अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक रुपया डॉलर के मुकाबले ₹97 और वित्त वर्ष 2027-28 के अंत तक ₹99 तक पहुंच सकता है। दूसरी तरफ, अगस्त 2026 के पहले पखवाड़े में FPI ने भारतीय शेयर बाजार में शानदार कंपनियों की कमाई और अमेरिका में ब्याज दरें घटने की उम्मीदों के चलते ₹16,621 crore का निवेश किया है।