अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों पर कार्रवाई तेज हो गई है। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने राज्यसभा में जानकारी दी कि साल 2026 की शुरुआत से अब तक अमेरिका ने 3,258 भारतीय नागरिकों को वापस भारत भेजा है। इनमें से 414 लोग केवल जनवरी से मार्च के बीच वापस भेजे गए थे।
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डिपोर्टेशन और सरकारी कार्रवाई का ब्यौरा
विदेश मंत्री ने बताया कि वापस भेजे गए लोगों में से 2,000 से ज्यादा भारतीय कमर्शियल उड़ानों के जरिए आए, जबकि बाकी को अमेरिकी सरकार ने चार्टर फ्लाइट्स से भेजा। सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि यूरोप के देशों से भी भारतीयों की वापसी हुई है। साल 2026 के पहले तीन महीनों में 174 भारतीयों को यूरोप से वापस भेजा गया, जिसमें UK, Cyprus और Greece शामिल हैं।
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2009 से अब तक अमेरिका से कुल 18,822 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है। पिछले कुछ सालों में इन आंकड़ों में तेजी देखी गई है, जैसे साल 2023 में 617, साल 2024 में 1,368 और साल 2025 में 2,025 लोगों को वापस भेजा गया।
भारतीयों की सुरक्षा पर सरकार का रुख
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने बताया कि डिपोर्टेशन की कार्रवाई के दौरान भारतीय नागरिकता की पक्की पुष्टि की जाती है। भारत ने अमेरिका के सामने डिपोर्ट किए गए लोगों के साथ बदसलूकी और बेड़ियों (shackles) के इस्तेमाल को लेकर भी अपनी चिंता दर्ज कराई है। साथ ही यह भरोसा दिलाया कि 5 फरवरी 2026 के बाद से किसी भी महिला या बच्चे के साथ ऐसा व्यवहार होने की खबर नहीं मिली है। विदेश राज्य मंत्री Kirti Vardhan Singh ने बताया कि विदेशी सरकारें अवैध रूप से रह रहे लोगों की जानकारी तब तक साझा नहीं करतीं जब तक कि नागरिकता की पुष्टि या इमरजेंसी सर्टिफिकेट की जरूरत न हो।
