भारत में बढ़ते साइबर हमलों और डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए अब विशेषज्ञों ने एक बड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि देश के हर मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की अपनी एक अलग डिजिटल पहचान होनी चाहिए। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए सुरक्षा सिस्टम को और मजबूत करने की बात कही गई है ताकि आम नागरिकों के डेटा और देश के जरूरी बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखा जा सके।

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हर डिवाइस की डिजिटल आईडी क्यों है जरूरी

साइबर ठगों के बढ़ते जाल को रोकने के लिए यह कदम बहुत जरूरी बताया गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब साइबर अपराधी AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे डीपफेक और सप्लाई चेन हमले बढ़ गए हैं। आंकड़ों की बात करें तो साल 2025 में भारत में करीब 26.5 करोड़ साइबर हमले दर्ज किए गए थे। वहीं, साल 2024 में भारतीयों ने साइबर फ्रॉड के कारण 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा गंवा दिए। ऐसे में हर डिवाइस की अपनी पहचान होने से अपराधियों को ट्रैक करना आसान होगा।

सरकार और UIDAI के नए सुरक्षा प्लान

डिजिटल सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। UIDAI ने ‘Aadhaar Vision 2032’ प्लान पेश किया है, जिसमें AI, ब्लॉकचेन और क्वांटम सुरक्षा जैसी नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। फरवरी 2026 में ‘Invisible Shield’ नाम का एक सिस्टम लॉन्च किया गया, जो चेहरे और उंगलियों के निशान की जांच AI के जरिए करता है। इसके अलावा, सोशल मीडिया, डेटिंग और गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अब अनिवार्य KYC कराने की सिफारिश की गई है ताकि फर्जी आईडी के जरिए होने वाले अपराध कम हों।

सेना और सोशल मीडिया के लिए सख्त नियम

साइबर सुरक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए अब इसे सेना और सोशल मीडिया पर भी लागू किया गया है। मार्च 2026 में सेना की नई AI पॉलिसी आई, जिसमें ड्रोन झुंड (drone swarms) और ऑटोमैटिक हथियारों को शामिल किया गया। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए डीपफेक कंटेंट को पहचानने और उन्हें लेबल करने के सख्त नियम बनाए गए हैं। सरकार ने यह भी साफ किया है कि अब प्राइवेसी का ध्यान रखते हुए डेटा सुरक्षा के लिए कोड-ड्रिवन अप्रोच अपनाई जाएगी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com