विदेश जाकर नौकरी करने वाले भारतीयों के लिए भारत सरकार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय में आयोजित इंटरनेशनल माइग्रेशन रिव्यू फोरम 2026 के दौरान भारत के विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने e-Migrate पोर्टल के बारे में विस्तार से बताया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का मकसद विदेश जाने वाले मजदूरों को धोखाधड़ी से बचाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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e-Migrate पोर्टल क्या है और यह कैसे काम करता है

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने साल 2014 में e-Migrate पोर्टल शुरू किया था। इसका मुख्य काम विदेश जाने वाले खासकर नीले कॉलर (blue-collar) श्रमिकों के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाना है। अक्टूबर 2024 में इसका नया वर्जन 2.0 लॉन्च किया गया जिसमें कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं।

  • रजिस्ट्रेशन: इस पोर्टल पर करीब 2,98,000 विदेशी नियोक्ता (employers) और 2,457 सक्रिय भर्ती एजेंट पंजीकृत हैं।
  • सुरक्षा: यह सिस्टम पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट और ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के साथ जुड़ा हुआ है जिससे फर्जी भर्ती पर लगाम लगती है।
  • नियम: यह पोर्टल इमिग्रेशन एक्ट 1983 के तहत काम करता है ताकि मजदूरों को गलत एजेंटों के चंगुल से बचाया जा सके।

मजदूरों और प्रवासियों को मिलने वाली खास सुविधाएं

आम आदमी और प्रवासी मजदूरों की परेशानी को समझते हुए इस पोर्टल को बहुत सरल बनाया गया है। अब मजदूर अपने मोबाइल ऐप के जरिए अपनी एप्लीकेशन का स्टेटस चेक कर सकते हैं और भर्ती एजेंट की सच्चाई जान सकते हैं।

  • मदद के लिए हेल्पलाइन: पोर्टल पर 24 घंटे चलने वाली बहुभाषी हेल्पलाइन शुरू की गई है।
  • AI तकनीक: भाषा की समस्या को दूर करने के लिए इसमें AI-पावर्ड अनुवाद टूल लगाए गए हैं।
  • शिकायत निवारण: अगर किसी मजदूर को विदेश में परेशानी होती है, तो वह ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है जिसका निपटारा जल्दी किया जाएगा।

UN में भारत का रुख और वैश्विक सहयोग

मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने UN में कहा कि पूरी दुनिया को मिलजुलकर प्रवासियों के सुरक्षित और नियमित प्रवास के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत ने अब तक 23 देशों के साथ द्विपक्षीय गतिशीलता समझौते (Bilateral Mobility Agreements) किए हैं ताकि कुशल श्रमिकों को सही तरीके से नौकरी मिल सके।

इस दौरे के दौरान उन्होंने UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, IOM की महानिदेशक एमी पोप और कनाडा की इमिग्रेशन मंत्री लीना मेटलेज डियाब से भी मुलाकात की। भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पार्वतीनेनी ने कहा कि भारत अपनी डिजिटल तकनीक को अन्य देशों की मदद के लिए साझा करने को तैयार है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

e-Migrate पोर्टल 2.0 में नया क्या है

अक्टूबर 2024 में लॉन्च हुए वर्जन 2.0 में 24/7 बहुभाषी हेल्पलाइन, AI भाषा अनुवाद टूल और शिकायतों के निपटारे के लिए तेज डिजिटल सिस्टम जोड़ा गया है।

यह पोर्टल प्रवासियों को धोखाधड़ी से कैसे बचाता है

यह पोर्टल केवल पंजीकृत विदेशी नियोक्ताओं और अधिकृत भर्ती एजेंटों की सूची प्रदान करता है जिससे मजदूर फर्जी एजेंटों के झांसे में आने से बच जाते हैं।