भारत सरकार घरेलू उड़ानों पर लगे हवाई किराया कैप (Airfare Cap) को जल्द ही हटाने की तैयारी में है। हालांकि, कैप हटने के बाद भी किरायों की निगरानी जारी रहेगी। IndiGo एयरलाइंस से जुड़े संकट के बाद यात्रियों को अत्यधिक महंगे किराए से बचाने के लिए यह कैप लगाया गया था।

हवाई किराया कैप क्यों लगा था?

IndiGo एयरलाइंस के परिचालन संकट के बाद सरकार ने यह कैप लगाया था। उस समय कई उड़ानें रद्द हो गई थीं, जिससे अचानक हवाई किराए बहुत बढ़ गए थे। सरकार का मकसद था कि यात्रियों को मनमाने और बहुत महंगे किराए से बचाया जाए। दूरी के हिसाब से अधिकतम किराया सीमा तय की गई थी।

फिलहाल कितना है किराया कैप?

मौजूदा कैप के तहत दूरी के हिसाब से अधिकतम किराया सीमा तय की गई है। इसमें उपयोगकर्ता विकास शुल्क (User Development Fee), यात्री सेवा शुल्क (Passenger Service Fee) और टैक्स शामिल नहीं हैं।

दूरी अधिकतम किराया
500 किलोमीटर तक ₹7,500
500-1000 किलोमीटर ₹12,000
1000-1500 किलोमीटर ₹15,000
1500 किलोमीटर से अधिक ₹18,000

कैप हटने के बाद क्या होगा?

कैप हटने के बाद भी सरकार किराए पर पूरी नजर रखेगी। एयरलाइंस कंपनियों को हर 15 दिन में टिकट की कीमतों से जुड़ा डेटा सरकार को देना होगा। सरकार ने साफ किया है कि अगर किसी खास रूट पर किराए में असामान्य बढ़ोतरी दिखी, तो उस पर ध्यान दिया जाएगा। निगरानी व्यवस्था से यह पक्का किया जाएगा कि एयरलाइंस यात्रियों पर बेवजह का बोझ न डालें।

Last Updated: 22 January 2026