Middle East में ईरान पर हुए हमलों के बाद पूरी दुनिया में तेल और ऊर्जा का भारी संकट खड़ा हो गया है. इस मुश्किल समय में भारत ने अपने पड़ोसी देशों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है. श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों को ईंधन पहुँचाकर भारत ने खुद को एक भरोसेमंद लीडर के तौर पर पेश किया है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे.

📰: Iran Stock Market: ईरान का शेयर बाजार 3 महीने बाद खुला, 42 कंपनियों की ट्रेडिंग बंद, निवेशकों के लिए बदले नियम.

भारत अपने पड़ोसी देशों की मदद कैसे कर रहा है?

Middle East में मचे घमासान के कारण साउथ एशिया के कई देशों में तेल की किल्लत हो गई थी. भारत ने इस स्थिति को संभालते हुए श्रीलंका को ईंधन के जहाज भेजे हैं और बांग्लादेश को भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन के जरिए डीजल की सप्लाई शुरू की है. इसके अलावा भारत ने नेपाल, भूटान और मालदीव को भी यह भरोसा दिलाया है कि उन्हें ऊर्जा की सप्लाई बिना किसी रुकावट के मिलती रहेगी.

कुवैत और UAE के साथ भारत के क्या समीकरण रहे?

ईरान और इसराइल-अमेरिका के बीच संघर्ष का असर खाड़ी देशों पर भी पड़ा. 30 मार्च 2026 को ईरान ने कुवैत के एक पावर प्लांट पर हमला किया, जिसमें एक भारतीय मजदूर की जान चली गई और काफी नुकसान हुआ. हालात इतने बिगड़ गए कि अप्रैल 2026 में कुवैत से कच्चे तेल का निर्यात शून्य हो गया, जो कि एक ऐतिहासिक गिरावट थी. इस संकट को कम करने के लिए भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कुवैत और UAE के अधिकारियों के साथ मीटिंग की ताकि व्यापार और तेल की सप्लाई फिर से शुरू हो सके. साथ ही, भारत ने ADNOC के साथ अपना समझौता बढ़ाकर रणनीतिक रिजर्व को 30 मिलियन बैरल तक करने का फैसला किया है.

भारत सरकार ने घरेलू और बाहरी सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 मार्च 2026 को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक की. उन्होंने सरकार को निर्देश दिया कि तेल की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम किया जाए. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ईरान में रह रहे लगभग 9,000 भारतीय नागरिकों की लगातार निगरानी की जा रही है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पकड़ मजबूत की है, जिसके तहत नीदरलैंड और नॉर्डिक देशों के साथ ऊर्जा सुरक्षा और शांति पर चर्चा की गई है.

तारीख महत्वपूर्ण घटना
28 फरवरी 2026 ईरान पर अमेरिका और इसराइल के समन्वित हमले शुरू हुए
23 मार्च 2026 PM मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा की समीक्षा के लिए CCS बैठक की
30 मार्च 2026 कुवैत के पावर प्लांट पर ईरानी हमला, एक भारतीय की मौत
10 अप्रैल 2026 पीयूष गोयल की कुवैत और UAE के समकक्षों के साथ बैठक
अप्रैल 2026 कुवैत से कच्चे तेल का निर्यात शून्य दर्ज किया गया
19 मई 2026 भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा
19 मई 2026 ADNOC के साथ रणनीतिक रिजर्व को 30 मिलियन बैरल करने का फैसला

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारत किन पड़ोसी देशों को तेल की मदद दे रहा है?

भारत श्रीलंका को ईंधन के जहाज भेज रहा है और बांग्लादेश को पाइपलाइन के जरिए डीजल की सप्लाई कर रहा है. साथ ही नेपाल, भूटान और मालदीव को निरंतर सप्लाई का भरोसा दिया गया है.

कुवैत में तेल निर्यात की स्थिति क्या रही?

ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में पाबंदियों के कारण अप्रैल 2026 में कुवैत का कच्चा तेल निर्यात शून्य हो गया, जो कि पहली बार हुआ है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.