पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर बड़ी खबर आई है। पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने साफ किया है कि देश में तेल और गैस की सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है। भारत ने आने वाले समय के लिए पर्याप्त स्टॉक जमा कर रखा है ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
भारत के पास कितना तेल और गैस का स्टॉक है?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने बताया कि भारत के पास फिलहाल 60 दिनों का कच्चा तेल (Crude Oil) और 60 दिनों का LNG स्टॉक मौजूद है। इसके अलावा, LPG का 45 दिनों का रिजर्व रखा गया है। पश्चिम एशिया के हालात को देखते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया की 20% ऊर्जा Strait of Hormuz से होकर गुजरती है, लेकिन भारत ने अपनी तैयारी पूरी रखी है।
- भारत अब 40 अलग-अलग देशों से कच्चा तेल मंगवा रहा है, जबकि 2006-07 में यह संख्या सिर्फ 27 थी।
- कच्चे तेल के लिए Hormuz के बाहर से होने वाले आयात को बढ़ाकर 70% कर दिया गया है।
- घरेलू LPG उत्पादन भी बढ़ा है, जो 36,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़कर अब लगभग 54,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गया है।
तेल की कीमतों और कंपनियों पर क्या असर पड़ा?
सरकार ने पिछले चार सालों से रिटेल फ्यूल की कीमतों को स्थिर रखा है, जिससे आम आदमी को महंगाई से राहत मिली है। हालांकि, इस फैसले के कारण सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। ये कंपनियां रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं। सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए रॉयल्टी दरों में कटौती भी की है।
| विवरण | पुरानी दर/स्थिति | नई दर/स्थिति |
|---|---|---|
| Onshore Crude Royalty | 16.66% | 10% |
| Offshore Crude Royalty | 9.09% | 8% |
| Natural Gas Royalty | 10% | 8% |
| OMC Daily Loss | – | 1,000 Crore |
| Total Under-recovery | – | 1,98,000 Crore |
| Non-Hormuz Sourcing | 55% | 70% |
11 मई 2026 को रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अध्यक्षता में मंत्रियों के एक समूह (IGoM) की बैठक हुई, जिसमें ऊर्जा सुरक्षा की पुष्टि की गई और ईंधन संरक्षण के लिए एक “नेशनल मिशन” शुरू करने का फैसला लिया गया। साथ ही, LNG टर्मिनलों के लिए 10% बफर स्टॉक रखने का नियम लागू किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या पश्चिम एशिया के तनाव से भारत में पेट्रोल-डीज़ल की कमी होगी?
नहीं, पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार भारत के पास 60 दिनों का कच्चा तेल और पर्याप्त गैस रिजर्व है, जिससे सप्लाई में कोई समस्या नहीं आएगी।
भारत ने तेल आयात के लिए क्या बदलाव किए हैं?
भारत ने अपनी निर्भरता को कम करने के लिए अब 40 देशों से तेल लेना शुरू किया है और Strait of Hormuz के बाहर से आयात को बढ़ाकर 70% कर दिया है।
