दुनिया भर में चल रही टेंशन के बीच भारत सरकार ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में तेल और गैस का पर्याप्त स्टॉक है, इसलिए किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में यह भरोसा दिलाया गया कि आम जनता पर अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर नहीं पड़ेगा।
भारत के पास कितना है तेल और गैस का स्टॉक?
सरकार ने बताया है कि भारत के पास फिलहाल कच्चे तेल (Crude Oil) और नेचुरल गैस का 60-60 दिनों का रोलिंग स्टॉक मौजूद है। इसके अलावा LPG का 45 दिनों का स्टॉक रखा गया है। 11 मई 2026 को हुई Informal Group of Ministers (IGoM) की मीटिंग में यह बात कन्फर्म की गई कि West Asia के विवाद के बावजूद भारत की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है।
महंगाई से बचाने के लिए सरकार और कंपनियों का प्लान
इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद भारत में दाम स्थिर रखे गए हैं। कई देशों में कीमतें 30% से 70% तक बढ़ गई हैं, लेकिन भारत में पिछले 70 दिनों से दाम स्थिर हैं। इसे संभव बनाने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) बड़ा वित्तीय बोझ उठा रही हैं।
| विवरण | डेटा/जानकारी |
|---|---|
| तेल कंपनियों का रोजाना नुकसान | लगभग 1,000 करोड़ रुपये |
| 2026 की पहली तिमाही में कुल अंडर-रिकवरी | करीब 2 लाख करोड़ रुपये |
| अन्य देशों में कीमतों की बढ़त | 30% से 70% |
| भारत में स्थिर दाम (दिनों में) | 70 दिन से ज्यादा |
| भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex) | 703 बिलियन डॉलर |
| कुल SPR कैपेसिटी | 5.33 मिलियन मीट्रिक टन |
| वर्तमान SPR फिल लेवल | 64% (करीब 3.37 MMT) |
फ्यूल कंजर्वेशन और भविष्य की रणनीति
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से ईंधन बचाने (Fuel Conservation) की अपील की है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल रिफाइनर है और 150 से ज्यादा देशों को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स सप्लाई करता है। हालांकि, ग्लोबल मार्केट की उथल-पुथल से बचने के लिए सरकार ने इसे एक नेशनल मिशन बनाने पर जोर दिया है। रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) और कमर्शियल स्टॉक को मिलाकर भारत के पास फिलहाल करीब 74 दिनों का तेल उपलब्ध है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या भारत में पेट्रोल-डीजल या गैस की कमी होने वाली है?
नहीं, सरकार ने पुष्टि की है कि देश के पास 60 दिन का क्रूड ऑयल और नेचुरल गैस और 45 दिन का LPG स्टॉक है, जिससे आपूर्ति सुरक्षित है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ने पर भी भारत में कीमतें स्थिर क्यों हैं?
भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं ताकि आम जनता को महंगी कीमतों से बचाया जा सके।
