भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए खाड़ी देशों के साथ रिश्तों को और मजबूत कर रहा है। इसी सिलसिले में विदेश मंत्री S Jaishankar और पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri खाड़ी देशों के दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर ये दौरे वेस्ट एशिया के बदलते हालातों के बीच भारत के लिए तेल और गैस की स्थिर सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे हैं। भारत सरकार का लक्ष्य है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी हलचल के बावजूद देश में ईंधन की कमी न हो।

मंत्रियों के इस दौरे का पूरा शेड्यूल क्या है?

पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने 9 और 10 अप्रैल 2026 को कतर का दौरा पूरा किया है। वहां उन्होंने कतर के ऊर्जा मंत्री Saad Sherida Al-Kaabi से मुलाकात की और भारत को भरोसेमंद ऊर्जा सप्लाई जारी रखने पर बात की। विदेश मंत्री S Jaishankar अभी Mauritius के दो दिवसीय दौरे पर हैं, जिसके बाद वे 11 और 12 अप्रैल को UAE की यात्रा करेंगे।

मंत्री का नाम देश तारीख (2026)
Hardeep Singh Puri Qatar 9 – 10 अप्रैल
S Jaishankar Mauritius 9 – 10 अप्रैल
S Jaishankar UAE 11 – 12 अप्रैल

भारत के लिए ये डिप्लोमेटिक दौरे क्यों जरूरी हैं?

MEA प्रवक्ता Randhir Jaiswal के अनुसार, ये दौरे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की सप्लाई में आने वाली बाधाओं को रोकने के लिए अहम हैं। खाड़ी देशों के साथ इन मुलाकातों में नीचे दी गई बातों पर जोर दिया गया है:

  • कतर ने भारत को भरोसा दिया है कि वह एक भरोसेमंद सप्लायर बना रहेगा और ऊर्जा सहयोग को और बढ़ाएगा।
  • दोनों देशों के मंत्रियों ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को सामान्य बनाए रखने और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर चर्चा की।
  • भारत केवल अपनी ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों की ऊर्जा सुरक्षा का भी ध्यान रख रहा है।
  • श्रीलंका को हाल ही में 38 मेट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद भेजे गए हैं और मॉरीशस के साथ भी तेल सप्लाई के लिए नया समझौता किया जा रहा है।
  • ईरान और इजरायल के बीच हालिया तनाव के बीच यह डिप्लोमेसी भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।