पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। विदेश राज्य मंत्री Kirti Vardhan Singh ने गुरुवार 30 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि अब तक 2,557 भारतीयों को ईरान से सुरक्षित स्वदेश लाया गया है। इन लोगों को निकालने के लिए आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्तों का इस्तेमाल किया गया।
🗞️: UAE सरकार का बड़ा फैसला, सर्बियाई छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप, राष्ट्रपति ने किया ऐलान.।
प्रवासियों की सुरक्षा पर सरकार की नज़र
ईरान में भारतीय दूतावास लगातार वहां रह रहे भारतीयों की मदद में जुटा है। फरवरी 2026 में तनाव बढ़ने के दौरान वहां करीब 10,000 भारतीय रह रहे थे। अभी भी वहां करीब 7,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जिनमें छात्र, कामगार, और मछुआरे शामिल हैं। सरकार ने 19 जुलाई को नई एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें भारतीयों से सतर्क रहने और सुरक्षित बाहर निकलने की सलाह दी गई थी।
तनाव के कारण हुए नुकसान का ब्यौरा
मंत्री ने बताया कि फरवरी 2026 से जारी इस संघर्ष के दौरान 16 भारतीयों की मौत हुई है और 75 लोग घायल हुए हैं। सरकार ईरान में मौजूद भारतीयों के लिए 24/7 इमरजेंसी हेल्पलाइन चला रही है। जो भारतीय वापस आना चाहते हैं, उन्हें उपलब्ध उड़ानों के ज़रिए जल्द से जल्द निकलने की सलाह दी गई है, जबकि वहां जाने की योजना बना रहे लोगों को हालात सामान्य होने तक यात्रा टालने को कहा गया है। प्रभावित छात्रों के लिए भी सरकार जरूरी कदम उठा रही है।
