पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह जुटी है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि अब तक 2,490 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। यह पूरी प्रक्रिया सड़क मार्ग के जरिए पूरी की गई है ताकि लोगों को कोई खतरा न हो।

ईरान से कितने भारतीय लौटे और क्या था रास्ता

विदेश मंत्रालय (MEA) की जानकारी के अनुसार, 2 मई 2026 तक कुल 2,490 भारतीय ईरान से बाहर निकल चुके हैं। तेहरान में मौजूद भारतीय दूतावास ने इस काम में पूरी मदद की है। लोग सड़क के रास्ते अर्मेनिया और अजरबैजान जैसे पड़ोसी देशों से होते हुए अपने घर लौट रहे हैं। बाहर निकलने वालों में छात्र, मछुआरे और नौकरीपेशा लोग शामिल हैं। इससे पहले 28 अप्रैल तक 2,461 लोग वापस आए थे।

ईरान यात्रा और सुरक्षा को लेकर सरकार की सलाह

भारत सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि भारतीय नागरिक ईरान की यात्रा न करें। जो लोग पहले से वहां मौजूद हैं, उन्हें दूतावास के साथ तालमेल बिठाकर सड़क मार्ग से निकलने की सलाह दी गई है। हवाई सेवाओं की बात करें तो गल्फ देशों जैसे UAE, सऊदी अरब और कतर से भारत के लिए फ्लाइट्स फिर से शुरू हो रही हैं, लेकिन ईरान के हवाई क्षेत्र में अभी भी कुछ पाबंदियां हैं। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि सरकार हालात पर करीब से नजर रखे हुए है।

समुद्री जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का अपडेट

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई हादसा नहीं हुआ है। अब तक गल्फ क्षेत्र से कुल 2,857 भारतीय नाविकों को वापस लाया जा चुका है, जिनमें से 28 नाविक पिछले एक दिन के भीतर लौटे हैं। DG शिपिंग का कंट्रोल रूम नाविकों की मदद के लिए लगातार काम कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान से अब तक कितने भारतीय नागरिक सुरक्षित बाहर निकले हैं

विदेश मंत्रालय के मुताबिक 2 मई 2026 तक कुल 2,490 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकाला गया है।

ईरान से बाहर निकलने के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है

भारतीय नागरिक तेहरान दूतावास की मदद से अर्मेनिया और अजरबैजान जैसे पड़ोसी देशों के सड़क मार्ग का इस्तेमाल करके भारत लौट रहे हैं।