मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने Iran से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने का काम तेज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने बताया कि अब तक 1,200 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इनमें 845 छात्र शामिल हैं जो शिक्षा के लिए वहां रह रहे थे। सरकार इन नागरिकों को वापस लाने के लिए पड़ोसी देशों के जमीनी रास्तों का सहारा ले रही है।

किन रास्तों से हो रही है भारतीयों की निकासी?

Iran से भारतीयों को निकालने के लिए भारत सरकार ने Armenia और Azerbaijan के रास्तों को चुना है। तेहरान में मौजूद भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर इस पूरी प्रक्रिया को संभाल रहा है। Azerbaijan के Heydar Aliyev International Airport पर भारत की एक चार सदस्यीय विशेष टीम तैनात की गई है जो कागजी कार्रवाई और सफर में मदद कर रही है। नागरिकों को पहले सड़क मार्ग से सरहद पार कराई जा रही है और फिर वहां से हवाई जहाज के जरिए भारत भेजा जा रहा है।

निकासी प्रक्रिया से जुड़ी मुख्य जानकारी

इस बचाव अभियान के तहत अब तक की प्रगति को नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  • कुल सुरक्षित लोग: अब तक 1,200 से अधिक भारतीय सुरक्षित निकाले गए।
  • छात्रों की मदद: बचाए गए लोगों में 845 भारतीय छात्र शामिल हैं।
  • Armenia रूट: लगभग 996 लोगों ने Armenia के रास्ते सफर तय किया।
  • Azerbaijan रूट: करीब 204 लोग Azerbaijan के रास्ते भारत पहुंचे।
  • कुल प्रवासी: तनाव शुरू होने के समय Iran में लगभग 9,000 भारतीय मौजूद थे।
  • बड़ा आंकड़ा: फरवरी के बाद से अब तक West Asia से 6 लाख से ज्यादा लोग भारत लौट चुके हैं।

सरकार और विदेश मंत्रालय का अगला कदम क्या है?

Prime Minister Narendra Modi ने West Asia के हालात को लेकर दुनिया के अन्य बड़े नेताओं से चर्चा की है। भारत सरकार का कहना है कि जो नागरिक अब भी वहां बचे हुए हैं, उन्हें भी सुरक्षित निकालने की कोशिशें जारी हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक जमीनी स्तर पर समन्वय के लिए विशेष टीमें काम कर रही हैं। भारत ने क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे पर होने वाले हमलों पर चिंता जताई है और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के महत्व पर जोर दिया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com