भारत सरकार ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina के प्रत्यर्पण से जुड़े अनुरोध पर प्रक्रिया तेज कर दी है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने जानकारी दी है कि यह मामला अभी जांच के दायरे में है। भारत इस पर कानूनी और न्यायिक प्रक्रियाओं के तहत विचार कर रहा है ताकि सभी नियमों का सही पालन हो सके।
मामले की पूरी जानकारी
Sheikh Hasina ने 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद भारत में शरण ली थी। इसके बाद दिसंबर 2024 में बांग्लादेश सरकार ने औपचारिक रूप से उनके प्रत्यर्पण की मांग की थी। यह प्रक्रिया भारत-बांग्लादेश प्रत्यर्पण संधि के तहत चल रही है, जिस पर 2013 में हस्ताक्षर किए गए थे और 2016 में इसमें बदलाव किए गए थे।
बीते नवंबर 2025 में बांग्लादेश के International Crimes Tribunal (ICT) ने Sheikh Hasina और पूर्व गृह मंत्री Asaduzzaman Khan Kamal को 2024 में हुई हिंसा के मामले में दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई थी। भारत सरकार का कहना है कि वे इस मामले में निष्पक्ष कानूनी समीक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारतीय अधिकारियों ने पहले यह स्पष्ट किया है कि Sheikh Hasina भारत में एक सम्मानित अतिथि की तरह हैं और वह अपनी मर्जी से वापस जाने के लिए स्वतंत्र हैं। खबरों के अनुसार, उन्होंने दिसंबर 2026 तक बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताई है।
