देश को जल्द तक पहली बुलेट ट्रेन की सौगात मिलने की संभावना है. नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के प्रबंध निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि कंपनी अगस्त 2027 तक गुजरात में बुलेट ट्रेन ( Bullet Train) चलाने की कोशिश करेगी.

 

ट्रायल ट्रेन होगा शुरू

जबकि सूरत से बिलिमोरा के बीच जून 2026 तक ट्रायल रन पूरा कर लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य जारी है और अब तक 220 किलोमीटर पाइलिंग का काम पूरा हो चुका है. ऐसे स्वदेशी पुर्जे का रेल परियोजना के निर्माण में उपयोग किया जा रहा है. जिससे यात्रियों को कोई परेशानी न हो. यह देश के लिए गर्व की बात है. 220 किलोमीटर की पाइलिंग का काम पूरा हो गया है. 24 घंटे काम किया जा रहा है.

 

98% ज़मीन का काम पूरा

कम्पनी का कहना है कि हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन को महाराष्ट्र सरकार से बहुत समर्थन मिला क्योंकि 98% भूमि अधिग्रहण पूरा हो गया था. उन्होंने कहा कि हमने एक विज्ञापन जारी किया है और जल्द ही महाराष्ट्र में सिविल इंजीनियरिंग का काम शुरू करेंगे. परियोजना में भारत-जापान सहयोग पर प्रसाद ने कहा कि जापान शिंकानसेन ट्रेन में शून्य मृत्यु दर है और इसका सुरक्षा का ट्रैक रिकॉर्ड है. जापान की गुणवत्ता दुनिया को पता है. हमारे इंजीनियर भी जापान में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे.

 

पहला बुलेट ट्रेन रूट

देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना भारत के आर्थिक केंद्र मुंबई को अहमदाबाद शहर से जोड़ेगी. भारत और जापान के बीच सहयोग समझौते के एक भाग के रूप में जापान सरकार लगभग रुपये का सॉफ्ट लोन प्रदान करेगी. देश में इस क्रांतिकारी रेल परियोजना के लिए 0.1% की मामूली ब्याज दर पर 88,000 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने की अवधि 50 वर्ष है. कर्ज प्राप्त करने के 15 वर्ष बाद ऋण की अदायगी शुरू होगी.

 

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना की मुख्य विशेषताएं

  • लंबाई 508 KMs (लगभग), दो राज्यों, महाराष्ट्र (156 KMs) और गुजरात (351 KMs), और दादरा और नगर हवेली (2 KMs) के माध्यम से दोहरी लाइन.
  • सबसे लंबी सुरंग 21 KM स्विच 7 KM पानी के नीचे (ठाणे क्रीक).
  • अधिकतम डिजाइन गति – 350 किमी प्रति घंटे.
  • 320 किमी प्रति घंटे की अधिकतम परिचालन गति.
  • यात्रा का समय : 2.07 घंटे (सीमित स्टॉप), 2.58 घंटे (स्टेशनों पर रुकना) बनाम मौजूदा ट्रेन यात्रा समय 7-8 घंटे.

 

12 स्टेशन पड़ेंगे रूट में

  1. मुंबई,
  2. ठाणे,
  3. विरार,
  4. बोइसर,
  5. वापी,
  6. बिलिमोरा,
  7. सूरत,
  8. भरूच,
  9. वडोदरा,
  10. आनंद,
  11. अहमदाबाद,
  12. साबरमती। भूमिगत स्टेशन मुंबई, अन्य सभी एलिवेटेड.

 

अर्थव्यवस्था और रोजगार को बढ़ावा

  • निर्माण कार्य में के लिए 20,000 भर्तियां की जाएगी.
  • संचालन के लिए 4,000 प्रत्यक्ष कर्मचारी और 20,000 अप्रत्यक्ष रोजगार भी.
  • गलियारे के साथ-साथ शहरी और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा.
  • शहरों के बीच यात्रा में आसानी होगी और आने-जाने की भारी क्षमता भी.
  • अन्य हाई-स्पीड परियोजनाओं के लिए क्षमता निर्माण