भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार, 10 मार्च 2026 को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ फोन पर लंबी बातचीत की है। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे सैन्य हमलों के हालातों पर चर्चा हुई। इस युद्ध के शुरू होने के बाद से यह दोनों मंत्रियों के बीच तीसरी बातचीत है। अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के बयान के बाद यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है, जिसमें 10 मार्च को ईरान के अंदर सबसे तेज हमले की बात कही गई थी।

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा

पश्चिम एशिया में बढ़ रहे इस तनाव का सीधा असर गल्फ देशों में रहने वाले भारतीयों पर पड़ सकता है। भारत सरकार खाड़ी देशों में काम करने वाले करीब 1 करोड़ (10 मिलियन) और ईरान में रह रहे हजारों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रही है। गल्फ देशों के दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कुवैत और अन्य क्षेत्रीय देशों में मौजूद भारतीय दूतावासों ने साफ किया है कि इस सैन्य तनाव के बीच भी प्रवासियों के लिए सभी सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी और घबराने की जरूरत नहीं है।

भारत का कूटनीतिक रुख और अंतरराष्ट्रीय बातचीत

भारत ने युद्ध और तनाव को लेकर अपना रुख बिल्कुल साफ रखा है। विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया है कि भारत की नीति मुख्य रूप से तीन बातों पर आधारित है:

  • तनाव को कम करना, संयम बरतना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीति और बातचीत के रास्ते पर वापस लौटना।
  • सभी देशों की संप्रभुता (sovereignty) और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना।

ईरान के अलावा भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति को संभालने के लिए 10 मार्च को जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल और साउथ कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून से भी बातचीत की है।

कच्चे तेल और गैस की सप्लाई पर भारत की तैयारी

इस युद्ध से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर गहरा असर पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ब्लॉक होने जैसी स्थिति बन गई है, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल और LNG गुजरता है। इस संकट से निपटने के लिए भारत सरकार घरेलू स्तर पर जरूरी कदम उठा रही है। देश के KG-D6 बेसिन से निकलने वाली नेचुरल गैस को अब भारत के जरूरी सेक्टर्स में भेजा जा रहा है ताकि सप्लाई में कोई भारी कमी ना आए और आम जनता को परेशानी से बचाया जा सके।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.