भारत और नेपाल के बीच कूटनीतिक रिश्तों में एक बड़ा अपडेट आया है। विदेश सचिव Vikram Misri का नेपाल दौरा, जो 11 मई 2026 से शुरू होना था, उसे अचानक टाल दिया गया है। इस खबर की पुष्टि नेपाल के विदेश मंत्रालय और काठमांडू में भारतीय दूतावास के सूत्रों ने की है।
दौरा टलने की मुख्य वजह क्या रही?
भारतीय विदेश सचिव का यह दो दिवसीय दौरा 11 और 12 मई को होना था, लेकिन 8 मई को इसे स्थगित कर दिया गया। भारत की तरफ से इसे विदेश सचिव की अन्य व्यस्तताओं का कारण बताया गया है। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल के प्रधानमंत्री Balendra Shah ने एक सख्त डिप्लोमैटिक प्रोटोकॉल की वजह से मुलाकात करने से मना कर दिया था, जिससे यह दौरा टल गया।
सीमा विवाद और Lipulekh Pass पर तकरार
दौरा टलने के पीछे सीमा विवाद को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। 3 मई 2026 को नेपाल के विदेश मंत्रालय ने Lipulekh Pass के जरिए होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा पर आपत्ति जताई थी। नेपाल का दावा है कि Limpiyadhura, Lipulekh और Kalapani उसके इलाके का हिस्सा हैं और इसका आधार 1816 की सुगौली संधि है।
- भारत का जवाब: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा कि नेपाल के दावे ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
- भारत का तर्क: भारत के अनुसार यह रास्ता 1954 से तीर्थयात्रियों के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
भारतीय प्रधानमंत्री Narendra Modi ने प्रधानमंत्री Shah को बधाई दी थी और विदेश सचिव के जरिए उन्हें भारत आने का आधिकारिक निमंत्रण देना चाहते थे, लेकिन मौजूदा हालातों ने इस प्रक्रिया को धीमा कर दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विदेश सचिव विक्रम मिसरी का दौरा कब होना था?
यह दौरा 11 और 12 मई 2026 को निर्धारित था, जिसे 8 मई को अचानक स्थगित कर दिया गया।
भारत और नेपाल के बीच मुख्य विवाद क्या है?
मुख्य विवाद Lipulekh, Kalapani और Limpiyadhura सीमा क्षेत्र को लेकर है, जिसे नेपाल अपनी जमीन बताता है, जबकि भारत इसे स्वीकार नहीं करता।