भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें करीब 3% तक बढ़ गई हैं। यह फैसला 15 मई 2026 से लागू हो गया है। करीब चार साल के लंबे इंतज़ार के बाद पहली बार खुदरा ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी की गई है। ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ के बंद होने की वजह से पैदा हुए ऊर्जा संकट का असर अब आम जनता की जेब पर पड़ने लगा है।

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पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कितनी बढ़ोत्तरी हुई?

देश के बड़े शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम लगभग 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ गए हैं। दिल्ली जैसे बड़े शहर में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये हो गई है, वहीं डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर पर पहुँच गया है।

ईंधन का प्रकार पुरानी कीमत (दिल्ली) नई कीमत (दिल्ली) बढ़ोत्तरी (%)
पेट्रोल ₹94.77 ₹97.77 3.2%
डीजल ₹87.67 ₹90.67 3.4%

सरकारी तेल कंपनियों जैसे IOCL, HPCL और BPCL ने इन कीमतों को लागू किया है। इन कंपनियों को कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण हर दिन करीब 10 अरब रुपये का नुकसान हो रहा था, जिसे अब रिकवर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

कीमतें बढ़ने की मुख्य वजह और सरकारी बयान क्या है?

ईंधन की कीमतों में इस बढ़ोत्तरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण हैं। ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ के बंद होने से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुँची थी।

  • केंद्रीय मंत्री G. Kishan Reddy ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण यह फैसला लेना जरूरी था और इसमें कोई घरेलू मुद्दा जिम्मेदार नहीं है।
  • Indian Oil Corporation Limited (IOCL) के डायरेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि यह बढ़ोतरी बहुत कम है और कमी न हो इसके लिए रिफाइनरियां 100% से ज्यादा क्षमता पर काम कर रही हैं।
  • केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने साफ किया कि भारत में यह बढ़ोतरी अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है, जहाँ कुछ देशों में दाम 100% तक बढ़ गए हैं।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?

कीमतें बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन का खर्चा बढ़ेगा, जिससे महंगाई पर असर पड़ सकता है। सरकार ने इस स्थिति को संभालने के लिए कुछ कड़े कदम भी उठाए हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोगों से ईंधन की खपत कम करने और किफायत बरतने की अपील की है। इसी सिलसिले में सरकार ने कुछ कर्मचारियों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम अनिवार्य कर दिया है ताकि सड़कों पर गाड़ियों का इस्तेमाल कम हो। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15% कर दिया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों बढ़े हैं?

ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ बंद होने के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हुआ है। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं और सरकारी तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा था।

दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें क्या हैं?

दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब 97.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गई है।