भारत में आम जनता की जेब पर एक बार फिर बोझ बढ़ गया है। भारतीय सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी कर दी है। मई 2026 के महीने में यह तीसरी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। डीलरों के मुताबिक, इस बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक रुपये से कम का इजाफा किया गया है। अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें काफी बढ़ गई हैं, जिसके नुकसान की भरपाई करने के लिए सरकार को यह कदम उठाना पड़ा है।

मई 2026 में कब-कब बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम?

भारत में सरकारी तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) ने मई के महीने में तीन बार कीमतों में बदलाव किया है। इन बदलावों को नीचे दी गई तालिका में आसानी से समझा जा सकता है:

तारीख (मई 2026) बढ़ोतरी की दर असर और विवरण
15 मई 2026 ₹3 प्रति लीटर यह पिछले चार साल में हुई पहली बड़ी बढ़ोतरी थी, जिसका उद्देश्य तेल कंपनियों के नुकसान को कम करना था।
19 मई 2026 90 पैसे (₹0.90) प्रति लीटर यह मई महीने की दूसरी बढ़ोतरी थी, जिससे ईंधन और महंगा हो गया।
23 मई 2026 1 रुपये से कम डीलरों के अनुसार, यह मई की तीसरी बढ़ोतरी है जो कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण की गई है।

कीमतें बढ़ाने के पीछे क्या हैं मुख्य कारण?

ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कमी और बढ़ता तनाव है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद से यह संकट शुरू हुआ था। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को ब्लॉक कर दिया, जो वैश्विक तेल व्यापार का एक बहुत बड़ा जरिया है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इसे वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी आपूर्ति बाधा बताया है। इसके कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थी, जो अब 100 से 105 डॉलर के आसपास बनी हुई है।

भारत के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि तेल कंपनियों को हर दिन भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने बताया था कि ओएमसी (OMCs) को रोजाना लगभग ₹1,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है, जिसे लंबे समय तक जारी रखना मुमकिन नहीं है। इसी तरह, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी कहा था कि अगर मध्य पूर्व का संकट जारी रहता है, तो भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।

क्या आने वाले समय में मिल सकती है राहत?

23 मई 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में कहा है कि ईरान के साथ चल रहा यह संघर्ष जल्द ही खत्म हो जाएगा और इसके बाद तेल की कीमतों में गिरावट आएगी। फिलहाल, इस जंग को रोकने के लिए पाकिस्तान और कतर मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं और दोनों देशों के बीच शांति वार्ता जारी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भी बातचीत में प्रगति की बात स्वीकार की है। हालांकि, अमेरिकी सेना अभी भी मध्य पूर्व में पूरी तरह अलर्ट पर है और ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखे हुए है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मई 2026 में भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम कितनी बार बढ़े हैं?

मई 2026 में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें तीन बार बढ़ाई गई हैं। पहली बढ़ोतरी 15 मई को ₹3 प्रति लीटर, दूसरी 19 मई को 90 पैसे प्रति लीटर और तीसरी बढ़ोतरी 23 मई को एक रुपये से कम की हुई है।

भारत में ईंधन के दाम बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?

इसकी मुख्य वजह अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य ब्लॉक किए जाने से कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें बढ़ गई हैं, जिसके कारण भारतीय तेल कंपनियों को रोजाना होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए दाम बढ़ाने पड़े हैं।

कच्चे तेल की कीमतें इस समय क्या हैं?

तनाव शुरू होने के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थी, लेकिन वर्तमान में यह 100 से 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास स्थिर बनी हुई है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com