भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें जल्द बढ़ सकती हैं. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ कहा है कि अगर पश्चिम एशिया का संकट नहीं रुका, तो सरकार अब दाम बढ़ाएगी. अब तक सरकार ने खुद इस बोझ को उठाया था, लेकिन अगर हालात नहीं सुधरे तो यह खर्चा अब आम ग्राहकों को उठाना होगा.
पेट्रोल और डीज़ल के दाम क्यों बढ़ सकते हैं?
पश्चिम एशिया में चल रहे विवाद की वजह से पूरी दुनिया में तेल की कीमतों पर असर पड़ा है. इसका सीधा असर भारत पर भी पड़ रहा है. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. हालांकि अभी पेट्रोल, डीज़ल और LPG का स्टॉक काफी है, लेकिन कंपनियों के भारी नुकसान की वजह से कीमतें बढ़ाना ज़रूरी हो सकता है.
RBI और सरकार की तैयारी क्या है?
RBI गवर्नर ने स्विट्जरलैंड में एक कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि बढ़ती ऊर्जा कीमतें भारत के महंगाई ढांचे के लिए चुनौती बन रही हैं. इसके लिए केंद्रीय बैंक को बीच में आना पड़ सकता है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों से अपील की है कि वे स्वेच्छा से बचत करें. उन्होंने पेट्रोल और डीज़ल की खपत कम करने और सोने की खरीदारी को कुछ समय के लिए टालने को कहा है ताकि विदेशी मुद्रा भंडार को बचाया जा सके.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मौजूदा रेपो रेट (Repo Rate) | 5.25 प्रतिशत |
| अप्रैल 2026 की महंगाई दर | 3.48 प्रतिशत |
| मार्च 2026 की महंगाई दर | 3.40 प्रतिशत |
| तेल कंपनियों का दैनिक नुकसान | लगभग ₹1,000 करोड़ |
| अगली RBI मीटिंग की तारीख | 5 जून 2026 |
| गवर्नर का बयान कब आया | 12 मई 2026 |
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या पेट्रोल और डीज़ल के दाम तुरंत बढ़ेंगे?
RBI गवर्नर के मुताबिक यह समय की बात है. अगर पश्चिम एशिया का संकट जारी रहता है, तो सरकार कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है.
प्रधानमंत्री मोदी ने आम जनता से क्या अपील की है?
पीएम मोदी ने विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए पेट्रोल-डीज़ल का इस्तेमाल कम करने और सोने की खरीदारी टालने की सलाह दी है.
