दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें गिर रही हैं, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल सस्ता होने की उम्मीद फिलहाल कम है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने साफ कर दिया है कि अभी कीमतों में कटौती की कोई योजना नहीं है। सरकारी कंपनियों को हुए भारी नुकसान की भरपाई करना अब सरकार की प्राथमिकता है।
मंत्री Puri ने बताया कि Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी सरकारी कंपनियों को अप्रैल से जून के बीच लगभग 74,800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यह नुकसान तब हुआ जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा था और कंपनियां उसे कम दाम पर बेच रही थीं। अब इन कंपनियों को अपने पुराने घाटे से उबरने की जरूरत है।
सरकार का कहना है कि सरकारी कंपनियां अभी भी उस तेल का स्टॉक इस्तेमाल कर रही हैं जो बहुत ऊंची कीमतों पर खरीदा गया था। इस वजह से अभी दाम कम करना संभव नहीं है। मंत्री के मुताबिक, तेल कंपनियों को कुल मिलाकर करीब 2.18 लाख करोड़ रुपये की वसूली करनी है।
हालांकि, निजी कंपनी Nayara Energy ने 1 जुलाई से पेट्रोल के दाम 5 रुपये और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर कम कर दिए हैं। सरकारी कंपनियों ने आम जनता के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम तो नहीं घटाए, लेकिन ATF और LPG सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है।
तेल की कीमतों और कटौती का विवरण
| विवरण | कीमत / कटौती |
|---|---|
| Brent Crude Oil | $72.10 प्रति बैरल |
| WTI Crude Oil | $68.77 प्रति बैरल |
| सरकारी कंपनियों का नुकसान (अप्रैल-जून) | ₹74,781 करोड़ |
| कुल रिकवरी की राशि | ₹2.18 लाख करोड़ |
| Nayara पेट्रोल कटौती | ₹5 प्रति लीटर |
| Nayara डीजल कटौती | ₹3 प्रति लीटर |
| Aviation Turbine Fuel (ATF) कटौती | ₹5 प्रति लीटर |
| 19-kg LPG सिलेंडर कटौती | ₹183.50 प्रति सिलेंडर |
| 5-kg Free Trade LPG कटौती | ₹13 प्रति सिलेंडर |
