भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर ICICI Bank ने एक नया अनुमान जारी किया है. बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के लिए देश की जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े को कम कर दिया है. पहले बैंक ने 7.2 फीसदी की ग्रोथ का अंदाज़ा लगाया था, लेकिन अब इसे घटाकर 6.8 से 6.9 फीसदी कर दिया गया है. इसके पीछे मुख्य वजह दुनिया में चल रही जंग और ऊर्जा सप्लाई में आने वाली रुकावटों को बताया गया है. इसका असर आम आदमी की जेब और महंगाई पर भी पड़ने की संभावना है.

आखिर क्यों घटाई गई भारत की विकास दर?

ICICI Bank की रिपोर्ट के अनुसार, विकास दर में कटौती के पीछे कई बड़े कारण हैं. बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कुछ मुख्य बिंदुओं पर रोशनी डाली है जो इस प्रकार हैं:

  • दुनिया के कुछ हिस्सों में चल रहे तनाव की वजह से ऊर्जा की सप्लाई यानी पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों पर असर पड़ा है.
  • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी थोड़ी सुस्ती देखी गई है, जिसका सीधा असर देश की आर्थिक रफ्तार पर होगा.
  • मार्च के महीने में फैक्ट्रियों के उत्पादन से जुड़े आंकड़े यानी पीएमआई (PMI) में गिरावट आई और यह 56.9 से गिरकर 53.9 पर आ गया.
  • बैंक का मानना है कि तेल की कीमतें करीब 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहेंगी, जिससे खुदरा महंगाई दर 4.5 फीसदी तक जा सकती है.

अन्य संस्थाओं और जानकारों का क्या कहना है?

सिर्फ आईसीआईसीआई बैंक ही नहीं, बल्कि कई और बड़ी रेटिंग एजेंसियों ने भी भारत की ग्रोथ को लेकर अपने अनुमानों में बदलाव किया है. इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में आर्थिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं.

संस्था का नाम नया ग्रोथ अनुमान (FY27) मुख्य चिंता
ICICI Bank 6.8 – 6.9% एनर्जी सप्लाई और जंग
Moody’s Ratings 6.0% पश्चिम एशिया का संघर्ष
CareEdge Ratings 6.5% कच्चा तेल 100 डॉलर होने का डर
CEA (मुख्य आर्थिक सलाहकार) 7 – 7.4% खाड़ी देशों के हालात

भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंथा नागेश्वरन ने भी कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव की वजह से पहले लगाए गए अनुमानों में जोखिम बढ़ गया है. मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि एलपीजी की सप्लाई में रुकावट आने से महंगाई बढ़ने का बड़ा रिस्क है, जिसका सीधा असर आम घरों के बजट पर पड़ता है.