भारत और जर्मनी के बीच रक्षा संबंध अब और मजबूत होने वाले हैं। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने बर्लिन में जर्मनी के रक्षा मंत्री Boris Pistorius से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों ने डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन रोडमैप और UN शांति स्थापना प्रशिक्षण के लिए अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यह कदम दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा।

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इस नए समझौते से क्या होगा फायदा और क्या बनेगा

इस रोडमैप का मुख्य मकसद दोनों देशों को मिलकर सैन्य हार्डवेयर बनाने और उन्हें विकसित करने का मौका देना है। इस दौरान साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन जैसे नए क्षेत्रों में साथ काम करने पर चर्चा हुई। सरकार के मुताबिक, इससे दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में तालमेल बढ़ेगा और ट्रेनिंग के नए मौके मिलेंगे।

UN शांति स्थापना और पनडुब्बी डील की जानकारी

UN शांति स्थापना की ट्रेनिंग के लिए दिल्ली के CUNPK और जर्मनी के GAFUNTC मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा, 10 बिलियन डॉलर की पनडुब्बी डील पर भी बातचीत चल रही है। इसमें जर्मन कंपनी TKMS तकनीक देगी और Mazagaon Dockyards इन्हें भारत में बनाएगा, जिसमें 50% से ज्यादा हिस्सा स्वदेशी होगा।

सात साल बाद हुआ यह बड़ा दौरा

भारत के रक्षा मंत्री का जर्मनी दौरा सात साल में पहली बार हुआ है। Rajnath Singh ने इस दौरे को गहरी दोस्ती और भरोसे का प्रतीक बताया। जर्मनी से भारत आने वाले रक्षा उपकरणों के निर्यात में भी बढ़ोतरी हुई है। आने वाले समय में प्रधानमंत्री मोदी के जर्मनी दौरे के दौरान कुछ और बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.