संयुक्त राष्ट्र में भारत की खास पहल, जेनेवा पहुंचा पांच मोरों का कुनबा बना फोटो ऑफ द वीक

Sushma Kumari12 August 20262 min read64 viewsIndia
संयुक्त राष्ट्र में भारत की खास पहल, जेनेवा पहुंचा पांच मोरों का कुनबा बना फोटो ऑफ द वीक

संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, जेनेवा को भारत की ओर से एक बहुत ही सुंदर और प्रतीकात्मक उपहार मिला है। भारत की तरफ से भेजे गए पांच भारतीय मोर रविवार को आधिकारिक तौर पर जेनेवा के एरियाना पार्क में पहुंच गए हैं। इस खास मौके पर संयुक्त राष्ट्र ने इन मोरों के आगमन की तस्वीरें अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की हैं और इसे अपना ‘फोटो ऑफ द वीक’ घोषित किया है। यह पहल भारत और अंतरराष्ट्रीय संस्था के बीच गहरे होते सांस्कृतिक और आपसी संबंधों को एक नया आयाम देती है, जिसे आम लोग और प्रवासी बहुत ही गर्व के साथ देख रहे हैं।

विशेष समारोह में सौंपे गए थे मोर

बीते 07 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने एक विशेष और गरिमापूर्ण समारोह के दौरान इन पांचों मोरों को संयुक्त राष्ट्र कार्यालय, जेनेवा की महानिदेशक तात्याना वलोवाया को आधिकारिक रूप से सौंपा था। इस कुनबे में कुल चार नीले मोर और एक सफेद मोर शामिल है। महानिदेशक तात्याना वलोवाया ने भारत सरकार की इस अनूठी पहल की दिल से सराहना की और यूएन परिसर में मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इन पक्षियों के रहने के लिए फिलहाल एक विशेष अस्थायी आवास तैयार किया गया है, ताकि वे नए माहौल में आसानी से ढल सकें। शुरुआती करीब तीन महीने तक ये सभी मोर एक सुरक्षित और बंद परिसर में ही रहेंगे और जब वे वयस्क हो जाएंगे, तब एरियाना पार्क में पूरी तरह स्वतंत्र रूप से विचरण कर सकेंगे।

एक सदी पुरानी परंपरा को मिला बढ़ावा

भारत के स्थायी मिशन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यह अनूठी भेंट भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच लंबी साझेदारी के साथ-साथ बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति देश की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है। एरियाना पार्क में मोरों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह एक बहुत पुरानी परंपरा का हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय जेनेवा का यह ऐतिहासिक परिसर एक सदी से भी अधिक समय से मोरों का घर रहा है और यहां इनकी देखभाल लंबे समय से की जाती रही है। भारत इससे पहले भी जेनेवा कार्यालय को मोर भेंट कर चुका है, जिसमें साल 1981 में भारत ने वहां मोरों की एक जोड़ी भेजी थी। अब इस बार पांच नए मोरों के शामिल होने से एरियाना पार्क की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता में और अधिक वृद्धि होगी। भारतीय मिशन का यह भी कहना है कि हमारा राष्ट्रीय पक्षी मोर अपनी सुंदरता, गरिमा और दृढ़ता के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। इस खास पहल के माध्यम से भारत ने अपनी समृद्ध प्राकृतिक विरासत और पर्यावरण व जैव विविधता के संरक्षण के प्रति अपनी अटूट निष्ठा को वैश्विक स्तर पर एक बार फिर से बहुत ही शानदार तरीके से प्रदर्शित किया है।

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