भारत अब पूरी दुनिया में साफ और सस्ती बिजली के मामले में अपनी जगह बना रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ग्रीन हाइड्रोजन, न्यूक्लियर और रिन्यूएबल एनर्जी पर ज़ोर दे रही है। इसके लिए नई नीतियां बनाई गई हैं और नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि देश ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सके।

न्यूक्लियर एनर्जी में भारत की बड़ी कामयाबी क्या है?

तमिलनाडु के कलपक्कम में बने Prototype Fast Breeder Reactor (PFBR) ने 6 अप्रैल 2026 को अपनी पहली सफलता हासिल की। इससे भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश बन जाएगा जो कमर्शियल फास्ट ब्रीडर रिएक्टर चलाएगा। सरकार का लक्ष्य 2047 तक न्यूक्लियर पावर की क्षमता को 100 GW तक पहुँचाना है। इसके लिए SHANTI Act 2025 लाया गया है जिससे प्राइवेट कंपनियां भी इस सेक्टर में निवेश और काम कर सकेंगी।

ग्रीन हाइड्रोजन और सोलर एनर्जी के लिए क्या प्लान है?

नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के लिए सरकार ने करीब 19,744 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसका लक्ष्य 2030 तक हर साल 5 मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन बनाना और 6 लाख नई नौकरियां पैदा करना है। वहीं, आम जनता के लिए PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana शुरू की गई है, जिसमें घर की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है।

भारत की क्लीन एनर्जी प्रोग्रेस की मुख्य बातें

क्षेत्र/लक्ष्य विवरण/स्थिति
नॉन-फॉसिल क्षमता (मार्च 2026) 283 GW
रिन्यूएबल एनर्जी ग्लोबल रैंक तीसरा स्थान
50% नॉन-फॉसिल लक्ष्य जून 2025 में पूरा हुआ
न्यूक्लियर पावर लक्ष्य (2047) 100 GW
ग्रीन हाइड्रोजन लक्ष्य (2030) 5 MMTPA
ग्रीन हाइड्रोजन बजट 19,744 करोड़ रुपये
सोलर सब्सिडी (PM सूर्या घर) 78,000 रुपये तक
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.