भारत अब दुनिया के बड़े फैसलों में अपनी और विकासशील देशों की जगह पक्की करना चाहता है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने साफ किया है कि ग्लोबल गवर्नेंस में अब ‘ग्लोबल साउथ’ यानी गरीब और विकासशील देशों की आवाज सुनी जानी चाहिए। इसके साथ ही भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी दुनिया के साथ मिलकर काम करने पर जोर दे रहा है।

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बदलाव और भारत की मांग

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि दुनिया के मौजूदा हालात के हिसाब से पुराने नियमों को बदलना जरूरी है। भारत चाहता है कि UN सुरक्षा परिषद में अब ज्यादा सदस्य हों और इसमें विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व बढ़े। भारत का मानना है कि सुरक्षा परिषद की कुल सदस्य संख्या 26 होनी चाहिए ताकि दुनिया की असल तस्वीर सामने आ सके।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और TRF पर सख्ती

भारत UN से मांग कर रहा है कि ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) को आतंकवादी संगठन घोषित किया जाए। यह ग्रुप पाकिस्तान के लश्कर-ए-तौहिद का मोहरा है और इसने पहलगाम जैसे इलाकों में मासूमों पर हमले किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी साफ कहा कि भारत आतंकवाद के सामने कभी नहीं झुकेगा और इस खतरे से निपटने के लिए पूरा देश एकजुट है।

दुनिया के साथ तालमेल और सुरक्षा के इंतजाम

आतंकवाद को रोकने के लिए भारत अब तक 26 देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है। अमेरिकी सांसदों ने भी पहलगाम हमले को याद करते हुए आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात कही है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पहले ही कह दिया था कि जो पड़ोसी देश आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, उनके खिलाफ भारत अपनी रक्षा करने का पूरा हक रखता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com