दुनिया भर में भारत का दबदबा अब पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ता जा रहा है। अमेरिका के पूर्व राजदूत Kenneth Juster ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब खुद को एक ‘सभ्यता की शक्ति’ यानी civilisational power के रूप में देख रहा है। उनका मानना है कि भारत अब ग्लोबल मामलों में अपनी बात और ज़्यादा मजबूती से रखना चाहता है।

Kenneth Juster ने भारत के बारे में क्या कहा?

Kenneth Juster ने यह बात 23 अप्रैल 2026 को Hudson Institute के ‘The New India Conference’ के दौरान कही। उन्होंने बताया कि 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद से भारत की विदेश नीति में एक बड़ा बदलाव आया है। PM Modi ने दुनिया के सामने भारत का आत्मविश्वास बढ़ाया है और दूसरे देशों के साथ संबंधों को और ज़्यादा फैलाया है।

भारत की ग्लोबल पावर बनने की मुख्य बातें

  • रणनीतिक स्वायत्तता: भारत अब अमेरिका और चीन की आपसी टक्कर के बीच अपनी अलग पहचान और स्वायत्तता बनाए हुए है।
  • विकसित भारत का लक्ष्य: भारत का बड़ा लक्ष्य साल 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनना है।
  • ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर पकड़: भारत अब G7 शिखर सम्मेलनों में नियमित ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल होता है।
  • G20 की अध्यक्षता: साल 2023 में G20 की अध्यक्षता के दौरान भारत ने दुनिया को अपनी ताकत और प्रभाव दिखाया।

भारत की विदेश नीति में क्या बदलाव आया है?

Kenneth Juster के मुताबिक, भारत अब सिर्फ एक देश नहीं बल्कि एक ऐसी ताकत बन रहा है जो दुनिया के तौर-तरीकों को तय करने में मदद करती है। भारत अब वैश्विक शासन प्लेटफॉर्म पर अपनी जगह बना रहा है और दुनिया के साथ तालमेल बिठाकर अपनी जरूरतों को पूरा कर रहा है। यह बदलाव भारत के बढ़ते रणनीतिक उद्देश्य और ग्लोबल पहुंच का नतीजा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.