भारत में सोने की कीमतों में आने वाले समय में भारी उछाल देखने को मिल सकता है जिससे आम खरीदारों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। आईसीआईसीआई बैंक ग्लोबल मार्केट्स की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 के बचे हुए महीनों में घरेलू बाजार में सोने की कीमत 1,50,000 रुपये से लेकर 1,80,000 रुपये प्रति दस ग्राम के बीच रहने की उम्मीद है। यही नहीं, साल 2027 में यह कीमतें और बढ़कर 1,60,000 रुपये से 1,90,000 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच सकती हैं। वैश्विक बाजार में सोने की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कमजोरी को इसका सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।
आखिर क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं सोने के दाम?
सोने की कीमतों में इस भारी उछाल के पीछे कई घरेलू नीतियां और अंतरराष्ट्रीय कारण काम कर रहे हैं। भारत सरकार ने हाल ही में 13 मई 2026 से सोने पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) को 6 फीसदी से बढ़ाकर सीधे 15 फीसदी कर दिया है। इस बदलाव की वजह से भारतीय बाजार में सोने के भाव तुरंत चढ़ गए हैं। इसके अलावा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) को लेकर भी टैक्स नियमों में बदलाव हुआ है, जिसके तहत अब सेकेंडरी मार्केट से बॉन्ड खरीदने वालों को बिना इंडेक्सेशन के 12.5 फीसदी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स देना होगा।
बाजार के एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने की कीमतों में यह तेजी केवल दुनिया के तनावपूर्ण हालातों की वजह से नहीं है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार की जा रही सोने की भारी खरीदारी और सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की बढ़ती मांग इसकी कीमतों को लगातार सहारा दे रही है। हालांकि, महंगे भाव की वजह से अप्रैल महीने में सोने के आयात की वैल्यू तो बढ़ी है, लेकिन वास्तविक रूप से कम मात्रा में सोना आयात हुआ है जो दिखाता है कि महंगी कीमतों से लोग अब फिजिकल सोना थोड़ा कम खरीद रहे हैं।
ग्लोबल मार्केट के आंकड़े और रुपये की कमजोरी
वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतें नए रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2026 तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,800 से 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। वहीं, साल 2027 के अंत तक इसके 5,400 से 5,600 डॉलर प्रति औंस होने का अनुमान है। इस दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का औसत भाव 2026 में 96.00 और 2027 में 96.50 के स्तर पर रहने की बात कही गई है। रुपये में आ रही इस कमजोरी से भारत के लिए सोना आयात करना और महंगा हो जाता है जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
सोने के दाम और बदलावों से जुड़े मुख्य आंकड़े
आने वाले समय में सोने की कीमतों और टैक्स में होने वाले बदलावों को इस टेबल के जरिए आसानी से समझा जा सकता है:
| बदलाव या पैमाना | अनुमानित आंकड़े (2026-2027) |
|---|---|
| घरेलू सोने की कीमत (2026 का बचा समय) | 1,50,000 – 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम |
| घरेलू सोने की कीमत (साल 2027) | 1,60,000 – 1,90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम |
| अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत (दिसंबर 2026) | 4,800 – 5,000 डॉलर प्रति औंस |
| अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमत (दिसंबर 2027) | 5,400 – 5,600 डॉलर प्रति औंस |
| डॉलर के मुकाबले रुपया (2026 औसत) | 96.00 रुपये प्रति डॉलर |
| सोने पर नया कस्टम ड्यूटी आयात शुल्क | 15 प्रतिशत (पहले 6 प्रतिशत था) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
साल 2026 और 2027 में भारत में सोने की कीमत क्या हो सकती है?
आईसीआईसीआई बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के बचे हुए समय में सोने की कीमत 1.5 लाख से 1.8 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और साल 2027 में 1.6 लाख से 1.9 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है।
भारत में सोने पर कस्टम ड्यूटी कितनी बढ़ाई गई है?
भारत सरकार ने 13 मई 2026 से सोने पर कस्टम ड्यूटी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, जिससे घरेलू बाजार में सोने के दाम काफी बढ़ गए हैं।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर टैक्स का क्या नया नियम है?
नए नियमों के तहत आरबीआई से सीधे बॉन्ड खरीदकर मैच्योरिटी तक रखने वालों को तो टैक्स फ्री कैपिटल गेन्स मिलेगा, लेकिन सेकेंडरी मार्केट से बॉन्ड खरीदने वालों को बिना इंडेक्सेशन के 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स देना होगा।