पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में जानकारी दी कि देश की सुरक्षा, सप्लाई चेन और ऊर्जा जरूरतों को सुनिश्चित करने के लिए 7 सशक्त समूह (Empowered Groups) बनाए गए हैं। ये टीमें ठीक वैसे ही काम करेंगी जैसे कोरोना महामारी के दौरान बनाई गई टीमों ने किया था। सरकार का मकसद यह है कि बाहरी संकट की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर कोई बुरा असर न पड़े।

ये 7 टीमें कौन सी हैं और इनका काम क्या होगा?

सरकार ने इन समूहों को अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इनका मुख्य काम पश्चिम एशिया में चल रहे संकट से पैदा होने वाले खतरों को कम करना और भारत की तैयारी को मजबूत रखना है। ये टीमें रणनीतिक मुद्दों से लेकर आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों तक पर बारीक नजर रखेंगी।

समूह का नाम मुख्य जिम्मेदारी
रणनीतिक और सुरक्षा (Strategic & Security) रक्षा, विदेश मामले और सुरक्षा व्यवस्था देखना
अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन निर्यात-आयात और व्यापारिक रास्तों की निगरानी
पेट्रोलियम और ऊर्जा LPG, कच्चा तेल और गैस की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करना
उर्वरक और कृषि सामग्री किसानों के लिए खाद और बीज की उपलब्धता देखना
आवश्यक वस्तुएं (Essential Commodities) दाल, अनाज और खाने-पीने की चीजों के दाम कंट्रोल करना
लॉजिस्टिक्स (Transport) हवाई सेवा, रेलवे और समुद्री रास्तों से सामान की आवाजाही
सूचना और संचार जनता तक सही जानकारी पहुंचाना और अफवाहों को रोकना

आम जनता और खाड़ी में रहने वाले भारतीयों के लिए क्या है खास?

  • प्रवासियों की सुरक्षा: प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों के नेताओं से चर्चा की है ताकि वहां रहने वाले करीब 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और उनके हितों का ध्यान रखा जा सके।
  • तेल और गैस की सप्लाई: पेट्रोलियम मंत्रालय के नेतृत्व वाली टीम कच्चे तेल और LPG की कीमतों को स्थिर रखने और सप्लाई चालू रखने पर काम करेगी।
  • कालाबाजारी पर रोक: राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाजार में जरूरी चीजों की जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें।
  • नए विकल्पों की तलाश: अगर किसी खास रूट से सामान आने में दिक्कत होती है, तो ये टीमें तुरंत दूसरे देशों से आयात के विकल्प तलाशेंगी।
  • दवाइयों पर जोर: सरकार एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (APIs) के मामले में देश को आत्मनिर्भर बनाने पर भी काम कर रही है ताकि दवाइयों की कमी न हो।

प्रधानमंत्री ने साफ किया है कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। साथ ही भारत इस पूरे मसले पर अमेरिका, ईरान और इजरायल जैसे देशों के संपर्क में है और शांति के लिए कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल कर रहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.