भारत सरकार ने WhatsApp के नए यूजरनेम फीचर को लेकर Meta कंपनी को कड़ा नोटिस भेजा है. सरकार ने इस फीचर को फिलहाल रोकने का आदेश दिया है क्योंकि इससे पहचान चोरी और धोखाधड़ी का खतरा बढ़ सकता है. सरकार ने Meta से तीन दिन के अंदर इस पूरे मामले पर विस्तार से जवाब मांगा है.
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Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को यह निर्देश जारी किया. सरकार का मानना है कि यूजरनेम फीचर आने से साइबर अपराध बढ़ सकते हैं. अधिकारियों ने चिंता जताई है कि जालसाज लोगों के फर्जी नाम इस्तेमाल कर उन्हें ठग सकते हैं, जिससे फिशिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे स्कैम में बढ़ोतरी हो सकती है.
सरकारी चिंताएं और कानूनी नियम
सरकार ने यह नोटिस Information Technology Act, 2000 और IT Rules, 2021 के तहत भेजा है. इसमें पहचान की चोरी और कंप्यूटर का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करने से जुड़े नियमों का हवाला दिया गया है. सरकार का कहना है कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स की यह जिम्मेदारी है कि वे ऐसे फीचर्स न लाएं जिससे लोगों की सुरक्षा को खतरा हो.
- पहचान की चोरी: डर है कि जालसाज सरकारी एजेंसियों या बैंकों जैसे मिलते-जुलते यूजरनेम बनाकर लोगों को धोखा देंगे.
- साइबर क्राइम: फोन नंबर छिपाकर मैसेज भेजने की सुविधा से फ्रॉड करना आसान हो सकता है.
- जवाबदेही: सरकार ने साफ किया है कि अगर नए फीचर्स से फ्रॉड होता है, तो टेक कंपनियों को कानूनी रूप से जिम्मेदार माना जाएगा.
Meta और WhatsApp का जवाब
Meta के प्रवक्ता ने सफाई देते हुए कहा कि यह फीचर अभी पूरी दुनिया में चालू नहीं हुआ है और इसे धीरे-धीरे लागू किया जाएगा. कंपनी ने बताया कि WhatsApp इस्तेमाल करने के लिए फोन नंबर की जरूरत पहले की तरह बनी रहेगी और यूजरनेम सिर्फ प्राइवेसी बढ़ाने के लिए है.
धोखाधड़ी रोकने के लिए कंपनी ने कुछ सुरक्षा उपाय भी बताए हैं:
- मशहूर हस्तियों और सरकारी विभागों के लिए खास यूजरनेम रिजर्व रखे जाएंगे.
- मिलते-जुलते फर्जी नामों को ब्लॉक किया जाएगा.
- एक अकाउंट से कितने नए लोगों को मैसेज भेजे जा सकते हैं, इसकी सीमा तय होगी.
- बार-बार यूजरनेम गेस करने वालों को सिस्टम ब्लॉक कर देगा.
WhatsApp ने यह भी स्पष्ट किया कि वॉयस और वीडियो कॉलिंग की सेवाएं पहले की तरह ही काम करती रहेंगी क्योंकि वे सिम के बजाय अकाउंट पर आधारित हैं. हालांकि, भारत सरकार ने साफ कह दिया है कि जब तक वह संतुष्ट नहीं हो जाती, तब तक यह फीचर भारत में लॉन्च नहीं किया जाएगा.
