भारत सरकार का सख्त एक्शन, मेटा को चेतावनी दी कि नियम मानो या रास्ता छोड़ो.

भारत सरकार ने इंस्टाग्राम, वाट्सएप और फेसबुक चलाने वाली कंपनी Meta की मनमानी पर रोक लगाने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कंपनी को साफ चेतावनी दी है कि उसे हर हाल में भारतीय कानूनों का पालन करना ही होगा। इसके साथ ही सरकार ने मेटा से उसके एलगोरिदम को लेकर भी पूरा जवाब मांगा है ताकि यह पता चल सके कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किस तरह से काम कर रहे हैं।
सरकार ने क्यों दी चेतावनी
हाल ही में जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का युवाओं से जुड़ा एक वीडियो फेसबुक से अचानक हट गया था। मेटा ने इसे तकनीकी गलती यानी operational error बताया लेकिन सरकार ने इस सफाई को पूरी तरह खारिज कर दिया। सरकार का मानना है कि केवल गलती मान लेने से काम नहीं चलेगा क्योंकि देश के नियमों का पालन करना सबसे पहले आता है। इसके अलावा मेटा ने यह भी माना कि उसके प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री और डीपफेक वीडियो को बढ़ावा दिया गया है तथा पैसे लेकर हानिकारक सामग्री को प्रमोट किया गया है।
मेटा और सरकार के बीच विवाद
पिछले कुछ सालों में मेटा और भारत सरकार के बीच कई बड़े विवाद सामने आए हैं। साल 2021 में वाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर यूजर डेटा शेयर करने पर बड़ा विवाद हुआ था। इसके बाद 2024 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग यानी CCI ने कड़ा एक्शन लेते हुए वाट्सएप पर ₹213.14 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया था। इसके अलावा साल 2025 में मार्क जुकरबर्ग के चुनाव संबंधी बयान और जुलाई 2026 में वाट्सएप यूजरनेम फीचर को लेकर भी साइबर फ्रॉड की आशंका पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया था।
संसदीय आईटी समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने भी चेतावनी दी है कि नियमों का पालन नहीं करने पर मेटा को आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाली सेफ हार्बर सुरक्षा पर भी संकट आ सकता है। सरकार अब केवल माफी से संतुष्ट होने के मूड में नहीं है और भविष्य में गलत काम करने पर कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी कर रही है ताकि देश के नागरिकों की सुरक्षा और डेटा पूरी तरह सुरक्षित रह सके।