पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने खाड़ी देशों के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर भारत के कई बड़े मंत्रियों और अधिकारियों ने हाल ही में सऊदी अरब, UAE और कतर जैसे देशों का दौरा किया. इस पूरी कवायद का मुख्य मकसद भारत की ऊर्जा सुरक्षा को पक्का करना और वहां रहने वाले भारतीय प्रवासियों की भलाई सुनिश्चित करना है.

भारत के बड़े नेताओं ने किन देशों का दौरा किया और क्या रही चर्चा?

भारत सरकार ने अपनी रणनीतिक और आर्थिक जरूरतों को देखते हुए पिछले कुछ दिनों में कई महत्वपूर्ण दौरे किए. इन दौरों का मकसद केवल व्यापार नहीं बल्कि क्षेत्रीय तनाव के बीच भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी था. नीचे दी गई टेबल में इन दौरों की पूरी जानकारी है:

तारीख अधिकारी/मंत्री देश मुख्य उद्देश्य
9-10 अप्रैल 2026 हरदीप सिंह पुरी कतर ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना
11-12 अप्रैल 2026 एस जयशंकर UAE भारतीय समुदाय की भलाई और रणनीतिक साझेदारी
19 अप्रैल 2026 अजित डोभाल सऊदी अरब द्विपक्षीय संबंध और क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा
अप्रैल 2026 (शुरुआत) पीयूष गोयल खाड़ी देश व्यापारिक संबंध और बातचीत
13 और 15 अप्रैल 2026 विभिन्न मंत्रालय नई दिल्ली ईंधन की उपलब्धता और समुद्री परिचालन पर ब्रीफिंग
21 अप्रैल 2026 रंधीर जायसवाल ब्रीफिंग ऊर्जा सुरक्षा और प्रवासियों के कल्याण की पुष्टि

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए क्या इंतजाम किए गए?

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वहां रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता रही. भारतीय दूतावास और मिशन अलर्ट पर हैं और लगातार भारतीय समुदाय के संपर्क में हैं. प्रवासियों की मदद के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं:

  • तनाव के कारण अब तक 11.6 लाख से ज्यादा भारतीय वापस भारत आ चुके हैं.
  • इराक में फंसे 12 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया गया.
  • समुद्र में जहाजों पर काम करने वाले भारतीय चालक दल को कानूनी और कांसुलर मदद दी जा रही है.
  • भारतीय मिशन लगातार प्रवासियों को सलाह दे रहे हैं ताकि वे सुरक्षित रह सकें.

ऊर्जा सुरक्षा और भारत के घरेलू बाजार पर क्या असर होगा?

खाड़ी देशों से होने वाली तेल की सप्लाई भारत के लिए बहुत जरूरी है. Strait of Hormuz जैसे समुद्री रास्तों पर खतरे को देखते हुए भारत ने अपनी सप्लाई चेन को स्थिर रखने की योजना बनाई है. इसके साथ ही, वैश्विक तनाव के कारण सप्लाई चेन में आई दिक्कतों को देखते हुए भारत सरकार ने कुछ घरेलू नियमों में भी बदलाव किया है:

  • ट्रकों और बसों के लिए Phased Manufacturing Programme की समय सीमा 1 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है.
  • इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए सब्सिडी को मार्च 2028 तक के लिए बढ़ा दिया गया है.
  • इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए सब्सिडी को जुलाई तक के लिए बढ़ाया गया है.
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.