भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) ने देश के इमिग्रेशन और विदेशी नागरिकों से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने इमिग्रेशन और विदेशी नागरिक (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है जिससे नियमों को काफी आसान बना दिया गया है। इन नए नियमों के आने से अब भारत आने वाले विदेशियों और विदेशी नागरिकता वाले प्रवासी भारतीयों के परिवारों को रजिस्ट्रेशन कराने और किसी फैसले के खिलाफ अपील करने में काफी सुविधा होगी। यह नया नियम 1 जून 2026 से तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है।

ℹ: Oman New Action: ओमान में 500 से ज़्यादा नकली टायर ज़ब्त, 2024 के टायर पर लगा दिया 2026 का स्टिकर, प्रशासन ने लिया बड़ा एक्शन

180 दिनों वाले रजिस्ट्रेशन नियम में क्या ढील मिली है?

नए नियमों के तहत अब भारत आने वाले विदेशी नागरिक अपने 180 दिनों के प्रवास (stay) के दौरान कभी भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इससे पहले का नियम यह था कि विदेशी नागरिकों को भारत में 180 दिन पूरे होने के बाद अगले 14 दिनों के भीतर ही रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता था। अब इस समय सीमा को लचीला बना दिया गया है ताकि लोग बिना किसी मानसिक तनाव के 180 दिन समाप्त होने से पहले कभी भी अपना पंजीकरण करा सकें। अगर इस तय समय सीमा के बाद कोई रजिस्ट्रेशन कराना चाहता है, तो उसकी अनुमति केवल विशेष आपातकालीन परिस्थितियों में ही दी जाएगी।

ऑनलाइन अपील और बच्चों के नियमों में क्या बदलाव हुए हैं?

सरकार ने पूरी व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की है। अब अगर किसी व्यक्ति को सिविल अथॉरिटी के किसी निर्देश या फैसले से कोई शिकायत है, तो वह सीधे ऑनलाइन माध्यम से अपनी अपील दर्ज करा सकता है।

  • यह अपील सिविल अथॉरिटी के फैसले के 30 दिनों के भीतर कमिश्नर, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (Bureau of Immigration) के पास दर्ज करानी होगी।
  • कमिश्नर इस अपील पर सुनवाई का मौका देंगे और इसे प्राप्त होने के 60 दिनों के भीतर मामले का निपटारा करेंगे।
  • अस्पतालों और नर्सिंग होम जैसे चिकित्सा संस्थानों के लिए भी विदेशी मरीजों के ठहरने और रिपोर्टिंग से जुड़े प्रशासनिक नियमों में सुधार किया गया है।

इसके अलावा मिश्रित राष्ट्रीयता वाले माता-पिता के बच्चों के लिए भी नियमों को आसान किया गया है। ऐसे बच्चे जिनका कोई एक अभिभावक भारतीय नागरिक है और वह बच्चे की भारतीय नागरिकता बनाए रखना चाहता है, उन्हें रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, अगर ऐसा कोई बच्चा भारत में रहते हुए बाद में विदेशी नागरिकता ले लेता है, तो उसके माता-पिता को 30 दिनों के भीतर इसकी जानकारी रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (Registration Officer) को देनी होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

नया इमिग्रेशन नियम भारत में कब से लागू हुआ है?

गृह मंत्रालय (MHA) ने इन संशोधित नियमों को 1 जून 2026 को नोटिफाई किया था और यह उसी दिन से तुरंत प्रभाव से पूरे देश में लागू हो चुके हैं।

ऑनलाइन अपील दर्ज करने और उसके निपटारे की समय सीमा क्या है?

सिविल अथॉरिटी के फैसले के खिलाफ 30 दिनों के भीतर ऑनलाइन अपील दायर करनी होगी और कमिश्नर को इस अपील का निपटारा 60 दिनों के भीतर करना होगा।

क्या भारतीय माता-पिता के विदेशी नागरिकता वाले बच्चों को तुरंत रजिस्ट्रेशन कराना होगा?

अगर माता-पिता में से कोई एक भारतीय है और बच्चा भारतीय नागरिकता रखना चाहता है तो रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है। लेकिन भारत में रहते हुए विदेशी नागरिकता लेने पर 30 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन ऑफिसर को सूचित करना अनिवार्य है।