भारत और इंडोनेशिया के बीच नई दिल्ली में 7 जून 2026 को 8वीं संयुक्त आयोग की बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो ने की। दोनों देशों ने अपने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को बढ़ाने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो 6 जून 2026 को तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे थे।
किन मुख्य क्षेत्रों पर हुआ समझौता और चर्चा?
इस बैठक में कई जरूरी क्षेत्रों को लेकर गंभीर बातचीत हुई। इसमें समुद्री और शिपिंग सहयोग सबसे ऊपर रहा। भारत और इंडोनेशिया हिंद महासागर क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं, जिसमें समुद्र शक्ति जैसे नौसैनिक अभ्यास शामिल हैं। इसके अलावा राजनीतिक, रक्षा और सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की गई। व्यापार के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया है। वित्तीय वर्ष 2023-2024 में इंडोनेशिया भारत का आठवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार रहा है।
फिनटेक, फार्मा और क्रिटिकल मिनरल्स पर विशेष ध्यान
बैठक में भविष्य की तकनीक और जरूरतों पर भी ध्यान दिया गया। फिनटेक, उर्वरक, फार्मास्यूटिकल्स और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात की गई। क्रिटिकल मिनरल्स आने वाले समय की आधुनिक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी दोनों देशों के नागरिकों को करीब लाने के प्रयासों पर सहमति बनी। यह बैठक भारत की एक्ट ईस्ट नीति और एक सुरक्षित एवं समृद्ध भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए इंडोनेशिया की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
भारत और इंडोनेशिया के बीच 8वीं संयुक्त आयोग की बैठक कब और कहाँ हुई?
यह बैठक 7 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई थी, जिसमें भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो शामिल हुए थे।
इस बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर फोकस किया गया?
बैठक में समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार, फिनटेक, फार्मा और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
