West Asia में जारी तनाव की वजह से दुनिया भर में तेल और गैस के दाम तेजी से बढ़े हैं। भारत में इसका असर अभी कम दिखा है क्योंकि सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को काबू में रखा है। लेकिन Crisil की रिपोर्ट कहती है कि अगर यह लड़ाई जारी रही, तो आने वाले समय में महंगाई बढ़ सकती है।

भारत में महंगाई के ताज़ा आंकड़े क्या कहते हैं?

मार्च 2026 में भारत की रिटेल महंगाई 3.2% से बढ़कर 3.4% हो गई। इसमें मुख्य रूप से खाने-पीने की चीज़ों और ईंधन के बढ़ते दामों का हाथ रहा। हालांकि, सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती करके और पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखकर आम जनता को इस झटके से बचाने की कोशिश की है।

इंडिकेटर फरवरी 2026 मार्च 2026
रिटेल महंगाई (CPI) 3.2% 3.4%
ईंधन महंगाई 0.1% 1.7%
कोर महंगाई 3.7% 3.7%

RBI और Crisil ने भविष्य के लिए क्या चेतावनी दी है?

RBI गवर्नर Sanjay Malhotra ने कहा कि दुनिया में बढ़ती अस्थिरता से महंगाई बढ़ सकती है और इससे देश की ग्रोथ पर असर पड़ेगा। RBI ने FY27 के लिए ग्रोथ का अनुमान घटाकर 6.9% कर दिया है, जो पहले 7.6% था। Crisil का अनुमान है कि अगले साल महंगाई औसतन 4.5% रहेगी, लेकिन अगर युद्ध लंबा खिंचा तो यह 4.7% तक जा सकती है।

आम आदमी की जेब पर और क्या असर पड़ सकता है?

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि केवल तेल ही नहीं, बल्कि खाने-पीने की चीज़ें जैसे सब्जियां और खाद्य तेल भी महंगे हो सकते हैं। इसके अलावा हवाई किराया और रेस्टोरेंट के खर्च भी बढ़ सकते हैं। अगर कच्चे तेल की कीमत लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रही, तो भारत में महंगाई 5% के पार जा सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.