ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच फोन पर खास बातचीत हुई है। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत और ईरान के बीच रिश्तों को और मजबूत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने कहा कि दोनों देशों के पास मिलकर काम करने के बहुत सारे मौके मौजूद हैं।

ℹ️: Iran Oil Update: ईरान ने कहा तेल प्रतिबंध अब बेअसर, 20% ज़्यादा दाम पर बेच रहा है कच्चा तेल

रिश्तों को मजबूत करने पर जोर

राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने पीएम मोदी के प्रयासों की तारीफ की और कहा कि भारत शांति और क्षेत्रीय सहयोग के लिए काफी काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि ईरान और भारत के रिश्ते बहुत पुराने हैं और दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान रहा है। राष्ट्रपति ने राजनीतिक, आर्थिक, व्यापार और ट्रांजिट जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही।

BRICS और एनर्जी पर चर्चा

बातचीत के दौरान BRICS के ढांचे में ईरान और भारत की भागीदारी पर भी चर्चा हुई। राष्ट्रपति ने भारत द्वारा BRICS एनर्जी मिनिस्टर्स मीटिंग की सफल मेजबानी के लिए खुशी जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पेज़ेशकियन को भारत में होने वाले आगामी BRICS लीडर्स समिट में शामिल होने का न्योता भी दिया।

  • एनर्जी सहयोग: 26 जून 2026 को हुई बैठक में तेल और गैस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।
  • व्यापार: अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद ईरानी तेल के निर्यात में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
  • शांति प्रयास: ईरान ने क्षेत्र में युद्ध खत्म करने और शांति बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में बनी समझ का स्वागत किया और कहा कि भारत हमेशा बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए मसले सुलझाने के पक्ष में रहा है। उन्होंने Strait of Hormuz में व्यापार और जहाजों की आवाजाही की आजादी को सुरक्षित रखने पर जोर दिया।

वहीं राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने अमेरिका के साथ हुए एक समझौते (MoU) का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह फैसला सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के साथ तालमेल बिठाकर लिया गया है और जब तक इस MoU की शर्तें पूरी नहीं होतीं, ईरान आगे की बातचीत नहीं करेगा।