भारत और ईरान ने मेडिकल और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने का फैसला लिया है। हाल ही में चंडीगढ़ में आयोजित 16वीं BRICS हेल्थ मिनिस्टीरियल मीटिंग के दौरान दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर सहमति बनी है। यह बैठक 21 से 25 जुलाई 2026 तक चली, जिसमें सदस्य देशों ने वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं पर मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में होगा बड़ा बदलाव
इस बैठक में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज, महामारी की रोकथाम और डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक का मुख्य विषय ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ रखा गया था। ईरान के स्वास्थ्य मंत्री के सीनियर एडवाइजर Ali Jafarian ने इस दौरान दवाइयों और मेडिकल टेक्नोलॉजी तक सबकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक ‘BRICS एक्शन प्लान’ का प्रस्ताव रखा है।
पारंपरिक चिकित्सा पर विशेष जोर
बैठक के दौरान एक नया वर्किंग ग्रुप बनाने पर भी सहमति बनी है, जो खास तौर पर पारंपरिक चिकित्सा (Traditional Medicine) पर ध्यान देगा। ईरान के डेलिगेशन ने आयुष मंत्रालय की Monalisa Dash के साथ बैठक कर इस दिशा में रिसर्च और शिक्षा के आदान-प्रदान पर चर्चा की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री Jagat Prakash Nadda ने भी इस पहल का स्वागत किया और कहा कि सदस्य देशों को मिलकर पब्लिक हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है। इस साझेदारी से आने वाले समय में स्वास्थ्य सुविधाओं और दवाइयों की उपलब्धता में सुधार होने की उम्मीद है।
