भारत और ईरान के बीच तेल के व्यापार को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. सात साल के लंबे समय के बाद भारत को ईरानी कच्चे तेल की पहली खेप मिलने जा रही है. यह सब अमेरिका द्वारा ईरानी तेल और रिफाइंड उत्पादों पर लगी पाबंदियों में अस्थायी ढील देने की वजह से मुमकिन हुआ है. शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, तेल से भरा एक बड़ा जहाज भारत के पूर्वी तट की ओर रवाना हो चुका है और जल्द ही अपनी मंज़िल पर पहुँच जाएगा.

ईरान से आने वाले तेल को लेकर क्या है ताजा जानकारी?

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को सात साल में पहली बार ईरान से कच्चा तेल मिलने वाला है. शिप-ट्रैकिंग करने वाली संस्थाओं LSEG और Kpler ने इस बात की पुष्टि की है कि कार्गो भारत के लिए निकल चुका है. इस खबर से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • ईरानी कच्चे तेल को लेकर अमेरिका ने अपनी सख्त पाबंदियों में कुछ ढील दी है.
  • यह ढील फिलहाल अस्थायी तौर पर दी गई है ताकि सप्लाई बनी रहे.
  • ईरानी तेल से लदा जहाज भारत के पूर्वी समुद्री तट की ओर बढ़ रहा है.
  • पिछली बार भारत ने करीब सात साल पहले ईरान से तेल मंगवाया था जिसके बाद पाबंदियां लग गई थीं.

भारत के लिए इस खबर का क्या मतलब है?

भारत अपनी तेल की जरूरतों को पूरा करने के लिए दुनिया के अलग-अलग देशों पर निर्भर रहता है. ईरान से तेल की सप्लाई शुरू होने से भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में नया विकल्प मिलेगा. फिलहाल यह जहाज रास्ते में है और शिप-ट्रैकिंग डेटा इसकी निगरानी कर रहा है. अमेरिकी सरकार के इस फैसले से आने वाले दिनों में तेल के व्यापार में और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं. यह खेप भारत के पूर्वी तट पर पहुंचेगी जिससे तेल क्षेत्र में नई हलचल देखने को मिली है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.