भारत और ईरान के बीच रिश्तों में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। भारत ने ईरान के साथ सात साल के लंबे इंतज़ार के बाद फिर से तेल और गैस का कारोबार आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। हाल ही में एक बड़ी गैस शिपमेंट भारतीय बंदरगाह पर पहुंची है। पूर्व राजनयिकों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि पश्चिम एशिया के बदलते हालात में भारत की सक्रिय भूमिका बेहद ज़रूरी है और दुनिया अब भारत को इस क्षेत्र में नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती है।

भारत और ईरान के बीच व्यापार की ताज़ा स्थिति

  • 6 अप्रैल 2026 को ईरान से 44,000 टन एलपीजी (LPG) लेकर एक जहाज़ भारत के दक्षिणी बंदरगाह पर पहुंचा और माल उतारने का काम शुरू हुआ।
  • भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के साथ फोन पर विस्तृत चर्चा की है।
  • दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा, स्थिरता और आपसी द्विपक्षीय संबंधों को लेकर बात हुई है।
  • जयशंकर ने इसके साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के बड़े नेताओं से भी क्षेत्रीय घटनाक्रम पर बातचीत की है।
  • ईरान ने क्षेत्र में हो रहे हमलों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन पर अपनी चिंता भारत के सामने रखी है।

विशेषज्ञों की राय और क्षेत्रीय प्रभाव

पूर्व वरिष्ठ राजनयिक विद्या भूषण सोनी ने इस घटनाक्रम को भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया है। उनका कहना है कि भारत को इस क्षेत्र के मामलों में हमेशा शामिल रहना चाहिए। उनके अनुसार पहले कुछ मौकों पर भारत पीछे रह गया था, लेकिन अब स्थिति ऐसी है कि भारत की राय को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है। ईरान भी भारत को एक भरोसेमंद साथी मानता है और आपसी सहयोग बढ़ाने का इच्छुक है। भारत ने हमेशा से ही विवादों को बातचीत और कूटनीति के ज़रिए सुलझाने पर ज़ोर दिया है।

ईरान और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव

तारीख प्रमुख घटना
6 अप्रैल 2026 भारत और ईरान के बीच ऊर्जा व्यापार की आधिकारिक बहाली हुई।
5-6 अप्रैल 2026 विदेश मंत्री एस जयशंकर की ईरान, UAE और कतर के नेताओं से बातचीत।
मार्च 2026 ईरानी राजदूत ने व्यापारिक बाधाओं के जल्द दूर होने की उम्मीद जताई थी।

क्षेत्र में जारी तनाव के बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कदम उठा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत की रणनीति अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने और किसी भी विवाद में सीधे उलझने से बचने की रही है। आने वाले समय में भारत और ईरान के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्ते और मज़बूत होने की उम्मीद है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.