Strait of Hormuz में इस वक्त हालात काफी खराब हैं और जहाजों का आना-जाना लगभग बंद हो गया है। अपने जहाजों को सुरक्षित रखने के लिए भारत सरकार ने ईरान के साथ बातचीत शुरू कर दी है। Indian Ministry of External Affairs (MEA) ने 23 अप्रैल 2026 को इस बात की पुष्टि की है। समुद्री रास्तों पर बढ़ते तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

भारत और ईरान के बीच क्या बातचीत हो रही है?

भारत सरकार लगातार ईरान और अन्य संबंधित देशों के संपर्क में है ताकि भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। MEA ने साफ किया है कि जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बातचीत जारी है। दूसरी तरफ, ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने 23 अप्रैल को कहा कि जब तक अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड खत्म नहीं होता और सैन्य अभियान नहीं रुकते, तब तक रास्ते खोलना संभव नहीं है।

Strait of Hormuz में तनाव की असल वजह क्या है?

इस पूरे विवाद की शुरुआत 28 फरवरी से हुई थी, जिसका पूरा जिम्मेदार ईरान ने अमेरिका और इसराइल को ठहराया है। हाल ही में तीन जहाजों पर हुए हमलों के बाद वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है और जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट आई है। अमेरिकी पेंटागन ने आशंका जताई है कि ईरान ने समुद्र में माइन्स (mines) बिछाए हो सकते हैं, जिन्हें पूरी तरह हटाने में छह महीने तक का समय लग सकता है।

क्या सभी जहाज पूरी तरह रुक गए हैं?

हालांकि समुद्री रास्ता लगभग ठप हो चुका है, लेकिन कुछ जहाज अब भी निकलने में कामयाब रहे हैं। Bloomberg की 22 अप्रैल की रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 34 ईरानी तेल टैंकर अमेरिकी नाकाबंदी को पार करके अरब खाड़ी से बाहर निकले। इन जहाजों ने लगभग 90 लाख बैरल तेल अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.